पंजाब-हरियाणा के 'संकट' का जल्द निकलेगा हल

विशाल एंग्रीश, चंडीगढ़ (14 मार्च): सतलुज यमुना लिंक नहर का मुद्दा पंजाब और हरियाणा के गले की हड्डी बनता जा रहा है। पंजाब कैबिनेट ने जहां किसानों को जमीन वापस करने के बिल को मंजूर दे दी है। वहीं हरियाणा सरकार इसको लेकर राज्यपाल के पास पहुंच गई है।

उम्मीद है कि सालों से सतलुज यमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच चले आ रहे संकट का जल्द कोई हल निकल जाए। सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर चले आ रहे संकट को खत्म करने के लिए पंजाब सरकार ने पहल की है। 

पंजाब सरकार ने एसवाईएल की जमीन को नोटिफाई करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यानी अब इसकी जमीन सरकार वापस किसानों को दे देगी और किसान उस जमीन पर खेती कर सकेंगे। 

पंजाब कैबिनेट अब जल्द की इसको लेकर सदन में एक बिल लाने की तैयारी में है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसको लेकर विधानसभा में जानकारी दी और पिछले कांग्रेस सरकारों पर पानी को लेकर कांग्रेस के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया।

हालांकि, पंजाब सरकार के इस प्रस्ताव को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने दलील है कि प्रस्ताव कॉपी किया गया है। इसको लेकर विपक्ष ने विरोध किया तो कांग्रेस सदस्यों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। 

वहीं पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि प्रदेश को लेकर जो फैसला किया जाएगा। विपक्ष उसका समर्थन करेगा। पंजाब सरकार के इस नए प्रस्ताव को लेकर हरियाणा की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है। खट्टर सरकार ने इसको लेकर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई और राज्यपाल से हरियाणा के हितों का ख्याल रखने की मांग की।

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट...

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