VIDEO: पंजाब की नहर में जहरीला पानी, लोग परेशान

नई दिल्ली (22 मई): पंजाब के नहरों का पानी दूषित होने से लोगों की सेहत बिगड़ रही है। फाजिल्का में बीमार लोगों को अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि वहां भी उन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा। पानी में टीडीएस का स्तर कहीं ज्यादा पाया गया है। आपको बता दें कि टीडीएस से पानी की कठोरता का पता चलता है। पंजाब के नहरों में दूषित पानी आने को लेकर यही चिंता लोगों को सता रही है।फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में जब पानी की जांच की गई तो उसमें टीडीएस यानि टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स का स्तर 950 से ज्यादा तक पाया गया, जो कि सेहत को बेहद नुकसान पहुंचा सकता है। लिहाजा लोग अस्पताल में शुद्ध पानी मुहैया कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि अस्पताल के बड़े अधिकारी और डॉक्टर खुद उस पानी का पीने के लिए इस्तेमाल नहीं करते हैं, जो मरीज या उनके तीमारदारों को मिलता है। उनके लिए प्राइवेट कंपनियों का सुरक्षित बोतल बंद पानी खरीदकर लाया जाता है। उस पानी का टीडीएस का स्तर जांचा गया तो वो 90 से भी कम निकला। यानी साफ है कि अस्पताल में बड़े अधिकारी और डॉक्टर की सेहत का ख्याल तो रखा जा रहा है, लेकिन मरीज या बाकी लोगों का नहीं। एसएमओ ने खुद भी जब अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले पानी में टीडीएस के स्तर की जांच की तो वो भी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला ही निकला।अस्पताल के एसएमओ का कहना है कि पीने के पानी में टीडीएस का स्तर 150 से 200 होना चाहिए। अधिकतम 500 पीपीएम टीडीएस स्तर वाला पानी पीने लायक होता है। उससे ऊपर का स्तर सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। बहरहाल एसएमओ की तरफ से जल्द ही मरीजों को शुद्ध पानी मुहैया कराने का भरोसा दिया गया है... लेकिन ऐसा नहीं होता है तो जाहिर है मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये खास रिपोर्ट...