110 घंटे बाद बोरवेल से बाहर आकर भी जिंदगी की जंग हार गया 2 साल का फतेहवीर

fathevir

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जून): पंजाब के संगरूर जिले में 150 फीट गहरे बोरवेल में फंसे 2 साल के बच्चे को मंगलवार की सुबह करीब 109 घंटे के बाद बाहर निकाल लिया गया। हालांकि अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। फतेहवीर को सुबह करीब 5:12 बजे बोरवेल में से निकाला गया था, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन वहां पर उसने दम तोड़ दिया और ज़िंदगी की जंग हार गया। 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शुरुआत में बच्चे की मां ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वह असफल रही. कथित तौर पर मिली जानकारी के अनुसार बोरवेल कपड़े से ढका हुआ था इसलिए बच्चा दुर्घटनावश उसमें गिर गया। इसके बाद बच्चे को बाहर निकालने के लिए व्यापक स्तर पर एक बचाव अभियान चलाया गया। अधिकारी बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने में तो सफल रहे लेकिन वे उस तक खाना-पीना नहीं पहुंचा पाए थे। बच्चे को बचाने के लिए बोरवेल के समांतर एक दूसरा बोरवेल खोदा गया था और उसमें कंक्रीट के बने 36 इंच व्यास के पाइप डाले गए थे। 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस पर दुख व्यक्त किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में सभी बोरवेल की जांच के भी आदेश दे दिए हैं। जब उसे अस्पताल पहुंचाया गया था तब बच्चे के शरीर पर सूजन बताई जा रही थी। बच्चे को बचाने के लिए एनडीआरएफ, पुलिस द्वारा पिछले 109 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। बच्चे का नाम फतेहवीर सिंह था, जो गुरुवार शाम करीब चार बचे खेलते समय बोरवेल में गिर गया था। फतेहवीर सिंह के बोरवेल में फंसे होने की सूचना मिलने के बाद से ही एनडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था।

बच्चे को आज बोरवेल के समानांतर खोदी गई टनल की मदद से बाहर निकाला गया है। फतेहवीर के बाहर आते ही उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और उस वक्त भी बच्चे की हालात नाजुक थी। बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ा दी गई थी। इसके अलावा बच्चे पर नजर रखने के लिए एक कैमरा भी लगाया गया था। बचाव दल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के 26 सदस्य थे। घटनास्थल पर चौबीसों घंटे डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस तैनात थे। घटना के लगभग 40 घंटे बाद शनिवार सुबह पांच बजे उसके शरीर में हलचल देखी गई।