IPL-9 :पुणे ने दिल्ली को 7 विकेट से रौंदा

नई दिल्ली(6 मई): रजत भाटिया की कसी हुई गेंदबाजी के बाद सलामी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे की सधी हुई पारी और अन्य बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स ने दिल्ली डेयरडेविल्स को उसके घरेलू मैदान फिरोजशाह कोटला पर आखिरी मैच में सात विकेट से हरा कर आईपीएल-9 में अपनी उम्मीदें जीवंत रखी।

रहाणे और ख्वाजा ने दिलाई ठोस शुरुआत
दिल्ली ने पुणे के सामने 163 रन का लक्ष्य रखा था। रहाणे (48 गेंदों पर नाबाद 63 रन) और आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे उस्मान ख्वाजा (27 गेंदों पर 30 रन) ने पहले विकेट के लिए 50 गेंदों पर 59 रन जोड़कर सुपरजाइंट्स को ठोस लेकिन धीमी शुरुआत दिलाई। उन्होंने इसके बाद सौरभ तिवारी (21) के साथ 45 और महेंद्र सिंह धोनी (20 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 27 रन) के साथ 42 रन की उपयोगी साझेदारियां कीं।

पुणे के नौ मैच में छह अंक
तिसारा परेरा ने आखिर में पांच गेंदों पर नाबाद 14 रन बनाकर सुपरजाइंट्स का स्कोर तीन विकेट पर 166 रन पर पहुंचाया। पुणे के लिए यह करो या मरो वाला मैच था। उसकी यह नौवें मैच में तीसरी जीत है, जिससे उसके छह अंक हो गए। दिल्ली को आठवें मैच में तीसरी और कोटला में दूसरी हार झेलनी पड़ी। उसके अब आठ मैचों में 10 अंक हैं और वह पहले की तरह तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

दिल्ली की पारी
कुछ सीनियर खिलाड़ियों को विश्राम देकर युवा ब्रिगेड के साथ मैदान पर उतरी दिल्ली डेयरडेविल्स ने नियमित अंतराल में विकेट गंवाने के बावजूद राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स के खिलाफ फिरोजशाह कोटला पर आइपीएल-9 के मैच में सात विकेट पर 162 रन का सम्मानजनक स्कोर बनाया। टॉस गंवाने के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे डेयरडेविल्स के बल्लेबाजों ने क्रीज पर पांव जमाने के बाद अपने विकेट गंवाए।

जल्दबाजी के चक्कर में विकेट गंवाए
कप्तान जेपी डुमिनी (32 गेंदों पर 34), करुण नायर (23 गेंदों पर 32 रन), सैम बिलिंग्स (15 गेंदों पर 24 रन), कार्लोस ब्रेथवेट (आठ गेंद पर 20 रन) और संजू सैमसन (17 गेंदों पर 20 रन रन) सभी के पास दमदार पारी खेलने का मौका था, लेकिन उन्होंने जल्दबाजी में अपने विकेट गंवाए। सुपरजाइंट्स के गेंदबाजों की भी तारीफ करनी होगी कि जिन्होंने बल्लेबाजों को हावी नहीं होने दिया। रजत भाटिया उसके सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 22 रन देकर चार विकेट लिए।

बल्लेबाजों में दिखी अनुभव की कमी
डेयरडेविल्स की टीम कप्तान जहीर खान और बेहतरीन फॉर्म में चल रहे क्विंटन डिकॉक और क्रिस मौरिस को विश्राम देकर डुमिनी की अगुवाई में युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी, लेकिन उसके बल्लेबाजों में अनुभव की कमी साफ दिखी। डेयरडेविल्स की टीम ने सैमसन और ऋषभ पंत के रूप में इस सत्र में पांचवीं सलामी जोड़ी आजमाई। गुजरात लॉयंस के खिलाफ पिछले मैच में धमाकेदार अर्धशतक जड़ने वाले पंत (आठ गेंद पर दो रन) हालांकि रंग में नहीं दिखे। अशोक डिंडा की सीधी गेंद को लाइन में आए बिना ड्राइव करने के प्रयास में वह बोल्ड हो गए।

सैमसन ने क्रीज पर कुछ समय बिताया, लेकिन वह भी पावरप्ले के दौरान ही पैवेलियन लौट गए। स्कॉट बोलैंड की गेंद पर उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को कैच का अभ्यास कराया, जिससे छह ओवर के बाद डेयरडेविल्स का स्कोर दो विकेट पर 48 रन हो गया। इसके बाद गेंद सीमा रेखा तक पहुंचने के लिए तरस गई। अगले छह ओवरों में 35 रन बने, लेकिन इसमें कोई भी बाउंड्री शामिल नहीं थी।

इस बीच बल्लेबाजों पर भी दबाव बढ़ने लगा। इसे कम करने के लिए नायर ने भाटिया की गेंद कवर की तरफ उछाली, लेकिन तिसारा परेरा ने दौड़ लगाकर बड़ी खूबसूरती से उसे कैच में तब्दील कर दिया। आखिर में बिलिंग्स ने आर अश्विन पर लॉन्ग ऑन और लॉन्ग ऑफ पर लगातार दो छक्के लगाकर फिरोजशाह कोटला की चुप्पी तोड़ी। बिलिंग्स भी अपनी पारी लंबी नहीं खींच पाए। भाटिया की गेंद को वह स्विच हिट से पर्याप्त लंबाई नहीं दे सके और लॉन्ग ऑन पर अंजिक्य रहाणे ने उसे आसानी से कैच कर लिया।

ज्यादा देर तक नहीं टिक सके ब्रेथवेट
दर्शक हालांकि ब्रेथवेट के आगमन से अधिक उत्साहित थे और इस कैरेबियाई ऑलराउंडर ने भी मुरुगन अश्विन पर दो और बोलैंड पर एक छक्का जड़कर उन्हें निराश नहीं किया। स्टेडियम में उनका नाम गूंजने लगा, लेकिन तभी बोलैंड के ओवर में परेरा ने सीमा रेखा पर दूसरे प्रयास में ब्रेथवेट को लपक लिया। डुमिनी ने 28वीं गेंद पर अपना पहला चौका लगाया, लेकिन इसके तुरंत बाद वह भी रन आउट हो गए, जिससे डेयरडेविल्स की डेथ ओवरों में रन बटोरने की उम्मीदों को करारा झटका लगा। आखिर चार ओवर में 32 रन बने। पवन नेगी ने 12 गेंदों पर 19 रन बनाए, जिससे डेयरडेविल्स 150 रन के पार पहुंच पाया।