शहीद ने घर फोन कर कहा था, ‘हैपी दिवाली’

पुणे(30 अक्टूबर): जम्मू-कश्मीर के माछिल सेक्टर में सरहद की सुरक्षा करते शहीद हुए बीएसएफ के कॉन्स्टेबल नितिन सुभाष कोली दिवाली के बाद घर आने वाले थे। शहीद जवान ने महाराष्ट्र अपने घर लौटने की पूरी तैयारी कर रखी थी। शनिवार को सीमा पार से हुई नापाक कोशिशों को नाकाम करते-करते जवान कोली ने शहादत दे दी।

- 28 साल के नितिन सुभाष कोली बीएसएफ में कॉन्स्टेबल थे। शहादत से ठीक एक रोज पहले वह अपने गांव महाराष्ट्र लौटने की तैयारी में थे। 

- शहीद जवान के एक रिश्तेदार ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को अपने घरवालों से फोन पर बात की थी और उन्हें ‘हैपी दिवाली’ कहा था। रिश्तेदार ने बताया कि शनिवार को जब उनकी शहादत की खबर गांव पहुंची, तो परिवार समेत पूरा गांव मातम में डूब गया। इस खबर के बाद गांववालों ने दिवाली नहीं मनाने का फैसला किया है। गांव में पटाखे नहीं छोड़े जाएंगे। दिवाली के दौरान लोग अपने घरों में लालटेन भी नहीं जलाएंगे।

-शहीद जवान नितिन सुभाष कोली ने 2008 में बीएसएफ जॉइन किया था। वह अपने पीछे पत्नी के अलावा 2 और 4 साल के दो बेटे छोड़ गए हैं। आज उनका पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंच जाएगा।