पुणे शहर कचरे में तब्दील, 20 दिन से नहीं उठा कूड़ा

विनोद जगदाले, मुंबई (5 मई): महाराष्ट्र के शिक्षा का मायका कहे जाने वाले पुणे शहर में पिछले 20 दिनों से कचरा फैला हुआ है। सत्ता पक्ष को इस कचरे की समस्या का कोई लेना देना नहीं है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर आक्रमक हो चुका है।


पुणे में कचरा 20 दिन से पड़ा हुआ है और मेयर साहिबा मुक्ता तिलक विदेश दौरे पर हैं। सालों से 25 किलोमीटर दूर फुरसुंगी कचरा डिपो में पुणे के कचरा डंप किया जाता था, लेकिन वहां के स्थानीय लोगों के विरोध के चलते शहर डंपिंग ग्राउंड बन चुका है। सत्ता में बैठी बीजेपी कह रही है कि मामला सुलझा लिया जाएगा।


कभी पुणे की राजनीति में नंबर-1 की पार्टी रही एनसीपी इस मुद्दे को हवा देकर पुणे में अपना दबदबा कायम रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। पुणे से सटे फुरसुंगी कचरा डिपो पर एनसीपी ने आंदोलन कर इस मुद्दे को हवा दी। सुप्रिया सुले ने कहा कि पुणे आकर सीएम ने कहा था कि 9 महीने में डंपिंग के इशू को सुलझाया जाएगा, लेकिन 23 महीने बाद भी इस समस्या का कोई हल नज़र नहीं आ रहा।


पुणे की जिनपर अहम जिम्मेदारी है, उनमें बीजेपी की मेयर मुक्ता तिलक और पुणे के गार्डियन मंत्री अभ्यास दौरे के नाम पर विदेश में छुट्टियों का आंनद ले रहे है। वहीं पुणे की जनता 40 डिग्री की धूप में 20 दिन से कचरे के बदबू से परेशान है। जिस पुणे शहर के सभी विधायक एक ही पार्टी के है और उसी पार्टी की सत्ता पुणे महानगरपालिका से लेकर केंद्र तक है, वही बीजेपी पार्टी इस कचरे के मुद्दे से कन्नी काटती नज़र आ रही है।