लड़के की चाहत में नवजात को किया जिंदा दफन

नई दिल्ली(26 जुलाई): कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बनाए गए पीएनडीटी कानून के बावजूद लगातार इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। ताजा मामला महाराष्ट्र के बारामती तालुका का है जहां एक हैवान ने लड़के की चाहत में पहले तो अपनी पत्नी का तीन बार प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाया, वहीं जब बच्ची पैदा हुई तो नवजात को जिंदा दफ्न कर दिया.।

मामले में महिला ने अपने पति, ससुराल वालों और डॉक्टर के खिलाफ भी केस दर्ज करवाया है। चौबीस साल की प्रियंका लोणकर का कहना है कि वह किसी न किसी बहाने सोनोग्राफी को टालती रहीं। लेकिन एक दिन उनके पति महेंद्र लोणकर और सास-ससुर ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और बारामती से पैतीस किलोमीटर दूर मालवाड़ी के छोटे अस्पताल ले गए। यहां फिर सेकी गई।

वह बताती हैं, 'मेरी शादी 2010 हुई. 2012 में मैंने एक बच्ची को जन्म दिया। चार साल तक सब ठीक था, लेकिन पिछले एक साल में तीन बार मेरे पति ने मेरा सोनोग्राफी करवाया। जब उसे पता चलता कि मेरे गर्भ में लड़की है, वो मुझे जबरन एबॉर्शन करवाने ले जाता। मेरी सास-ससुर भी इसमें उनका साथ देते. मेरे मना करने पर वो मुझे मारते थे।'

गाड़ी की डिक्की में डालकर ले गए बच्ची को

प्रियंका ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उस दिन पट्टी बांधकर डॉक्टर के पास ले जाने के बाद उन्हें दूध में दवाई डालकर पिलाई गई। मना करने पर पीटा गया फिर दो दिनों बाद एबॉर्शन करवाया गया। बच्ची जिंदा थी। पति और ससुर ने उस नवजात को गाड़ी के डिक्की में डालकर खेत में ले जाकर दफना दिया।