मेजर विभूति ढौंडियाल को दी गई नम आंखों से श्रद्धांजलि

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 फरवरी): सोमवार को पुलवामा के पिंग्लेना में शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल को आज देहरादून में नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई। कल देर शाम को मेजर विभूति का पार्थिव शरीर उनके नेशविला रोड स्थित आवास पर पहुंचा, जिसके बाद से ही उनके घर श्रद्धाजंलि देने वालों का तांता लग गया। आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ मेजर विभूति को आखिरी विदाई दी जा रही है।

सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत और पूर्व सीएम हरीश रावत समेत प्रदेश के कई नेता और आलाधिकारियों ने देश के इस वीर सपूत को श्रद्धाजंलि दी। मेजर ढौंडियाल जम्मू-कश्मीर में 55 राष्ट्रीय राईफल में तैनात थे। सीआरपीएफ को जैश के आत्मघाती हमलावर को तैयार करने वाले मास्टर माइंड अब्दुल रशीद गाजी के पुलवामा के ही एक इलाके में छुपे होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में फोर्स अफसर और जवानों ने उस मकान को घेर लिया। इसके बाद चली मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए। वहीं, आतंकियों की गोली से मेजर विभूति ढौंडियाल भी शहीद हो गए थे। उनके अलावा हरियाण के रेवाड़ी के रहने वाले सिपाही हरि सिंह, राजस्थान के झुंझुनूं के सेव राम और मेरठ के अजय कुमार भी शहीद हो गए।

घर के सबसे छोटे थे विभूति

तीन बहनों में सबसे छोटे 34 साल के मेजर विभूति की शादी पिछले साल ही 19 अप्रैल को हुई थी। पत्नी निकिता कौल ढौंडियाल दिल्ली में बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करती हैं। पिता ओपी ढौंडियाल का निधन 2015 में हो चुका है। इसके बाद से मां सरोज ढौंडियाल बीमार रहने लगी हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। तीसरी बहन की शादी नहीं हुई है। वह दून इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका हैं।

मेजर विभूति ढौंडियाल का परिवार मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के बैजरों के पास ढौंड गांव का रहने वाला है। विभूति के दादा केएन ढौंडियाल 1952 में दून आकर बस गए थे। विभूति के पिता और दादा दोनों ही राजपुर रोड स्थित एयरफोर्स के सीडीए कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे।