ट्रंप ने खुलकर किया भारत का सर्मथन, कहा- अब एक्शन का वक्त

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 फरवरी): जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले को अमेरिका ने भयावह बताया है। साथ ही अमेरिका ने पुलवामा हमले के दोषियों के खिलाफ पाकिस्तान के सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलवामा हमले के 5 दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'मुझे उसपर (पुलवामा हमले) पर रिपोर्ट्स मिल रही हैं, हम इस पर सही समय पर कमेंट करेंगे। अच्छा होगा, अगर दोनों देश साथ आते हैं। पुलवामा में जो भी हुआ वह भीषण था, हमें लगातार रिपोर्ट्स मिल रही हैं।' इसके साथ ही अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि हमें इस मामले पर कई रिपोर्ट्स मिली हैं  और सही समय आने पर इस पर बयान जारी किया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि आंतकी हमले की वजह से भयानक स्थिति पैदा हो गई है। हमें इस पर रिपोट्स मिल रही है और सही समय आने पर इस पर बयान दर्ज कराया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले आतंकी हमले पर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भारत का समर्थन किया था। हमले के बाद जॉन बोल्टन ने भारतीय एनएसए अजीत डोभाल से फोन पर बातचीत करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में साथ देने का आश्वासन दिया था।

अमेरिका ने पाकिस्तान से अपील की कि वह अपनी धरती से संचालित सभी आतंकवादी समूहों का समर्थन और उन्हें पनाह मुहैया कराना तुरंत बंद करे। भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जेस्टर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि, आतंकवादी हमले की तह तक पहुंचने में हम भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ अमेरिका के सहयोग पर उन्होंने कहा, हमने उनकी निंदा की है, पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी पनाहगाहों की हमने पहले भी निंदा की है और हमने उनको सैन्य सहयोग देना बंद कर दिया है।

आपको बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बीच तनाव अपने चरम है। इस पर व्हाइट हाउस से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अच्छा होगा, अगर आंतक के मामले पर भारत और पाकिस्तान साथ हो जाएं।