सेना का उपद्रवियों को सख्त संदेश, कहा- मुठभेड़ में अड़चन डालने वाले को नहीं छोड़ेंगे


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 फरवरी): घाटी में सेना के ऑपरेशन के दौरान कई बार देखा गया है कि पाकिस्तान के इशारे पर कुछ लोग बाधा डालने की कोशिश करते हैं। जिसके कारण जहां सुरक्षाबलों को ऑपेशन के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सुरक्षाकर्मियों की जान को खतरा बढ़ जाता है और इन उपद्रवियों की आड़ में कई बार आतंकी भागने में भी कामयाब हो जाते हैं। 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद सोमवार पुलवामा में आतंकियों से हुए मुठभेड़ पर आज पर सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजी ढिलन्न, श्रीनगर के आईजी एसपी पाणी, CRPF के आईजी जुल्फिकार हसन और GoC विक्टर फोर्स के मेजर जनरल मैथ्यू शामिल हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिलन्न ने जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी नागरिक मुठभेड़ की जगह पर ना आए, ना ही मुठभेड़ के दौरान और ना ही बाद में। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा होता है तो उन्हें भी एक्शन लेना होगा। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस ने सेना ने साफ किया की उनके पास घाटी के भटके हुए नौजवानों के लिए सरेंडर पॉलिसी है। यहां के माताओं से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वो अपने भटके हुए बच्चों से अमन के रास्ते पर लौटने और सरेंडर करने के लिए कहें। इस ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्त रूप से कहा गया कि कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा, मारा जाएगा। सेना ने साफ किया कि घाटी में आतंकियों के खिलाफ अभियान में नागरिक सुरक्षा की वजह से ज्यादा जवान शहीद हो रहे हैं। हम आम नागरिकों के नुकसान नहीं पहुंचाने चाहते हैं।  


 प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर IG एसपी पाणी ने कहा कि पिछले साल हमने जैश के 58 आतंकियों को मार गिराया था, इस साल भी 12 जैश आतंकियों को मौत के घाट उतारा गया है। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान का बच्चा है, यहां कितने गाजी आए और कितने चले गए। पाकिस्तानी सेना और ISI जैश-ए-मोहम्मद को कंट्रोल कर रही है। पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड कामरान ही था, जिसे मार गिराया गया है। आपको बात दें कि पुलवामा मुठभेड़ में जैश कमांडर कामरान, गाजी और विदेशी आतंकी राशिद मारा गया था। ले. ज. केजेएस ढिल्लन, जीओसी चिनार कॉर्प्स ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला पाकिस्तान और वहां की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर हुआ था। सेना ने साफ किया की जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तानी आर्मी बच्चा है और इसे पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई कंट्रोल कर रही है। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ किया गया कि सुरक्षाकर्मियों ने पुलवामा हमले का बदला 100 घंटे पूरा होने से पहले ले लिया। घाटी में आतंकियों के सभी कमांडरों को ढेर कर दिया है।

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आपको बता दें कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ने CRPF के काफिले पर हमला कर दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसके बाद से ही पूरा देश आक्रोश में है। पुलवामा हमले के बाद वहां पर एक ऑपरेशन भी चलाया गया था। जिसमें पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड कामरान उर्फ गाजी राशिद को मार गिराया गया था। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। जबकि सेना के 5 जवान शहीद हुए थे।


प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें...


- घाटी के भटके युवाओं के लिए हमारे पास सरेंडर पॉलिसी


- अपने बच्चों से सरेंडर करने के लिए कहें माताएं


- नागरिकों से अपील कि मुठभेड़ वाली जगहों से दूर रहें


- हम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं


- नागरिक सुरक्षा की वजह से ज्यादा जवान शहीद हुए


- कश्मीर में सेना के सभी कमांडर ढेर, पुलवामा हमले के 100 घंटे पूरे होने से पहले आतंकी ढेर


- पुलवामा मुठभेड़ में जैश कमांडर कामरान, गाजी और विदेशी आतंकी राशिद मारे गए


 - पुलवामा एनकाउंटर में घायल ब्रिगेडियर और आईजी की हालत अब ठीक


- आतंकियों को सेना का संदेश- कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा, मारा जाएगा


- पाकिस्तान और ISI के इशारे पर हुआ था पुलवामा हमला


- पाकिस्तानी आर्मी का बच्चा है जैश-ए-मोहम्मद


- जैश को ISI कंट्रोल कर रही


-कश्मीर में कितने गाजी आए और चले गए


- कश्मीर में बहुत समय बाद कार बम का इस्तेमाल हुआ