पुलवामा हमला: प्रधानमंत्री बोले-व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान, CRPFने कहा- न भुलेंगे न छोडेंगे


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 फरवरी): हिंदुस्तान के इतिहास में ये जवानों पर हुआ अब तक का सबसे बड़ा और सबसे बेरहम हमला है। एक झटके में देश के 40 जवान शहादत की भेंट चढ़ गए। कश्मीर से लेकर केरल तक, बिहार से लेकर बंगाल तक, पंजाब से उत्तर प्रदेश तक और असम से महाराष्ट्र तक देश के हर हिस्से में इस शहादत की आग धधक रही है। हिंदू हों या सिख, मुस्लिम हों या ईसाई, हर मजहब, हर जाति के जवानों का लहू बहा है और लहू की हर बूंद यही कह रही है बहुत हुआ इंतजार अब चाहिए सिर्फ इंतकाम।


पूरे हिंदुस्तान का लहु बहा है। हर इलाके का एक चिराग दुश्मन को नेस्ताबूद करने की लौ जला चुका है। 40 चिताओं की आग 130 करोड़ हिंदुस्तानियों के जेहन में बदले की आग जला रही है देश के लिए शहीद हुए हर जवान का  ताबूत हर कंधे को एक नई जिम्मेदारी सौंप गया है लड़ो। आखिर दम तक लड़ो। खत्म कर दो नफरत की दीवारें, मिटा दो उस नक्शे को जिसमें दहशत के दरिया बहते हैं। गिरा दो वो तख्त ओ ताज जहां से दहशत के फर्मान जारी होते हैं। निकाल दो वो आंखें जो सिर्फ खूनी मंजर देखना चाहती हैं। भारत मां को इस वक्त भाषण नहीं चाहिए, बयान नहीं चाहिए, राजनीति नहीं चाहिए, नफा नुकसान नहीं चाहिए, चुनावी दांव पेंच नहीं चाहिए, सिर्फ बदला चाहिए उस दुश्मन से जो नासूर बन चुका है।



पुलवामा आतंकी हमले शहीद हुए देश के सपूतों का शव उनके-उनके पैतृक स्थल पर पहुंचने लगा है। आज इन शहीदों का पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम विदाई दी जाएगी। शहीदों के अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।  पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत से देश गमजदा है। देश पर जान कुर्बान करने वाले इन वीरों के पार्थिव शरीर कल श्रीनगर से दिल्ली लाए गए थे। आज उन्हें घर भेजा जा रहा है। शहीदों के शव उनके गांव पहुंचने लगा है। शहीदों के परिजनों के साथ-साथ पूरे इलाके में मामत पसरा है और लोग एक आवाज में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देशभर में गुस्सा है। चारों तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है।


आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए। हमले के वक्त 2547 जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इसी दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से उनकी बस में टक्कर मार दी। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए। करीब 10 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस काफिले पर हमले की साजिश रची थी। विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी।उरी में 18 सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।


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