भारत ने उड़ाई पाक की धज्जियां, इमरान के सवालों का चुन-चुन कर दिया जवाब

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न्यूज24 ब्यूरो नई दिल्ली(19 फरवरी): पुलवामा हमले पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के स्पष्टीकरण की धज्जियां उड़ा दी हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने सिर्फ पांच प्वाइंट में इमरान खान के स्पष्टीकरण का पोस्टमार्टम कर दिया है। पहले प्वाइंट में ही साफ कर दिया गया है कि पुलवामा हमले को इमरान खांन ने आतंकवादी हमला नहीं  माना है, इससे भारत को कोई आश्चर्य नहीं है।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के स्पष्टीकर की कुछ इस तरह चिंदियां उड़ाई हैं...

1- इमरान खान ने अपने पूरे स्पष्टीकरण में आतंकियों के इस जघन्य काण्ड की न तो निंदा की है और न ही हमारे शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना ही व्यक्त की है।

2- आतंकियों के साथ संबंधों को पाकिस्तान लगातार नकारता रहा है। इसमें कोई नयी बात नहीं है। जबकि खुद उसके पालतू संगठन जैश-ए-मुहम्मद ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो भी जारी किया है। यह सभी जानते हैं कि जैश-ए-मुहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अजहर है और वो पाकिस्तान में रह रहा है। यह स्थापित तथ्य और सुबूत है जिस पर पाकिस्तान को जैश-ए-मुहम्मद और मौलाना मुहम्मद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

3- इमरान खांन ने भारत से पुलवामा हमले के  सुबूत मांगने वाला बचकाना बहाना बनाया है। 26/11 को हुए मुंबई हमले के सारे सुबूत दिये हुए 10साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी गुनाहगार को सजा नहीं दी गयी है। इसी तरह पठानकोट हमले में सारे सुबूत दिये जाने और उनकी जांच टीम को पठानकोट एयरबेस आकर जांच करने की अनुमति दिये जाने के बावजूद आज तक कोई नतीजा नहीं निकला है। सुबूत देने पर एक्शन की गारंटी का के खोखले आश्वासन देना पाकिस्तान की फितरत है।

4- इमरान खांन नया पाकिस्तान का जुमला गढ़ते हैं। उनके नये पाकिस्तान में उनकी सरकार के मंत्री यूनाइटेड नेशन से घोषित आतंकियों के साथ सार्वजनिक तौर पर मंच साझा करते हैं।

5- भारत ने बार-बार कहा है कि हिंसा और आतंक मुक्त माहौल में दोनों पक्षों को लगातार बात-चीत करनी चाहिए, आज यह कह रहे हैं कि पाकिस्तान बात-चीत चाहता है। कश्मीर में आतंक और टेबुल पर पीस टॉक संभव नहीं है।

6- पाकिस्तान अगर यह कहता है कि वो खुद आतंकवाद का शिकार है तो यह सरासर झूठ है। पूरी दुनिया इस सच्चाई को भलीभांति जानती है कि पाकिस्तान ही आतंकवाद का केंद्र है।

 7- आखिर में, विदेश मंत्रालय ने भारी खेद के साथ कहा है कि पुलवामा हमले को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़करअपनी थोथी मानसिका का परिचय दिया है। भारत ने पाकिस्तान के इस मनगढंत आरोप को सिरे से नकार दिया है। भारत दुनिया के आदर्श लोकतांत्रिक देशों में गिना जाता है। शायद पाकिस्तान की समझ में यह बात कभी नहीं आ सकती।

विदेश मंत्रालय ने पाकस्तानी टेलिवीजन पर प्रसारित इमरान खांन के स्पष्टीकरण को सिरे से खारिज करते हुए मांग की है कि वो दुनिया को भरमाने की कोशिशें करने के बजाये पुलवामा के हमलावरों के अलावा अपनी सरजमीं पल रहे आतंकवादियों के अलावा सभी आतंकियों के खिलाफ विश्वसनीय और धरातल पर दिखने वाली कार्रवाई करे।