पुलवामा टेरर अटैकः 'अब पाक से बात तो होगी लेकिन मेज पर नहीं युद्ध के मैदान में'


न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 फरवरी):भारत के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज गौतम गंभीर पुलवामा के आतंकी हमले से बेहद आहत और गुस्से में हैं। उन्होंने अपन ट्विटर एकाउंट पर लिखा है, 'अब बहुत हुआ अलगाववादियों-आतंकियों और पाकिस्तान से बात तो जरूर होनी चाहिए लेकिन यह बात मेज पर नहीं युद्ध के मैदान में होनी चाहिए' यह ट्वीट उन्होंने उस वक्त किया था जब आतंकी हमले में शहीदों की संख्या 18 थी। रात नौ बजे तक मिली खबरों के मुताबिक शहीद जवानों की संख्या 42 हो चुकी है। 


केवल गौतम गंभीर ही नहीं सभी देशवासी पुलवामा में हुए हमले के बाद गुस्से में हैं और चाहते हैं कि आतंकियों और उसके आका पाकिस्तान को ऐसा सबक सिखाना चाहिए जिससे वो कश्मीर की तरफ देखना तो दूर सोचने से भी खौफ खा जाये। दरअसल, पुलवामा में हुए आज के फिदाईन हमले और उसमें 42 जवानोंकी शहादक मोदी सरकार के इस कार्यकाल पर एक काला धब्बा और कभी न भुलाये जाने वाला जख्म है। अब तक इतनी बड़ी संख्या में शहादत पहले कभी नहीं हुई थी।


 घाटी में अमन-शांति बहाली के लिए सुरक्षाबलों ने कॉनवाय के साथ सिविल वाहनों की आवाजाही पर लगा प्रतिबंध भी उठा लिया था। घाटी के आम लोगों के साथ संबंध सामान्य करने के लिए सुरक्षाबल प्रायः ऐसे कदम उठाते थे जिससे आम लोग उनपर विश्वास करें। इसी बात का फायदा उठा कर आतंकियों ने सीआरपीएफ के कॉनवाय पर बारूद से लदी कार से हमला कर दिया। कहा जा रहा है कि इस हमले मे कुछ और आतंकी थे जिन्होंने धमाके बाद गोलियां भी चलाई हालांकि वो सब भाग गये। कुछ रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतने शक्तिशाली धमाके के लिए आतंकियों ने काफी दिन पहले विस्फोटकों को इकट्ठा किया होगा। ऐसे ऑपेरशंस करने में काफी समय लगता है और हमारी खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक नहीं लगी-यह और भी चिंता की बात है।