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राजकीय सम्मान के साथ होगा शहीदों का अंतिम संस्कार, केन्द्रीय मंत्री होंगे शामिल

लवामा आतंकी हमले शहीद हुए देश के सपूतों का शव उनके-उनके पैतृक स्थल पर पहुंचने लगा है। आज इन शहीदों का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 फरवरी): पुलवामा आतंकी हमले शहीद हुए देश के सपूतों का शव उनके-उनके पैतृक स्थल पर पहुंचने लगा है। आज इन शहीदों का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीदों के अंतिम संस्कार में केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। वहीं बिहार में रविशंकर प्रसाद तो पंजाब में केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर शहीदों के अंतिम संस्कार में मौजूद रहेंगी। वहीं राजस्थान में राज्यवर्धन सिंह राठौर तो दक्षिण के राज्यों में निर्मला सीतारमण शहीदों के अंतिम विदाई देंगे। वहीं उत्तराखंड में केन्द्रीय मंत्री अजय टम्टा शहीदों के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

शहादत को सलाम...नसीर अहमद, राजौरी, जम्मू कश्मीरतिलक राज, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेशजयमाल सिंह, मोगा, पंजाबसुखजिंदर सिंह, तरनतारन, पंजाब

कुलविंदर सिंह, आनंदपुर साहिब, पंजाब

मनिन्दर सिंह अत्री, गुरदासपुर, पंजाब

विरेन्द्र सिंह, ऊधमसिंह नगर, उत्तराखंड

मोहन लाल, उत्तरकाशी, उत्तराखंड

पंकज कुमार त्रिपाठी, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश

अवधेश कुमार यादव, चंदौली, उत्तर प्रदेश

अमित कुमार, शामली, उत्तर प्रदेशविजय कुमार मौर्या, देवरिया, उत्तर प्रदेश

रमेश यादव, वाराणसी, उत्तर प्रदेश

राम वकील, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश  

प्रदीप कुमार, शामली, उत्तर प्रदेश

कौशल कुमार रावत, आगरा, उत्तर प्रदेश

प्रदीप सिंह, कन्नौज, उत्तर प्रदेश

श्याम बाबू, कानपुर, उत्तर प्रदेश

अजीत कुमार आज़ाद, उन्नाव, उत्तर प्रदेश

रतन कुमार ठाकुर, भागलपुर, बिहार

संजय कुमार सिन्हा, पटना, बिहार

विजय सोरेंग, गुमला, झारखंड

नितिन शिवाजी राठौर , बुलढाना, महाराष्ट्र

संजय राजपूत, बुलढ़ाना, महाराष्ट्र

रोहिताश लांबा, जयपुर, राजस्थान

जीतराम, भरतपुर, राजस्थान

नारायण लाल गुर्जर, राजसमंद, राजस्थान

हेमराज मीणा, कोटा, राजस्थान

अश्वनी कुमार काओचि, जबलपुर, मध्यप्रदेश

सुदीप बिस्वास, नादिया, पश्चिम बंगाल

मानेस्वर बसुमातरी, बक्सा, असम

मनोज कुमार बेहरा, कटक, ओडिसा

गुरु एच, मांड्या, कर्नाटक

शिवचंद्रन सी, अरियालुर, तमिलनाडु

सुब्रमणियन जी, तुतिकोरिन, तमिलनाडु

वसंथ कुमार वीवी, वायनाड, केरल

कश्मीर के पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत से देश गमजदा है। देश पर जान कुर्बान करने वाले इन वीरों के पार्थिव शरीर कल श्रीनगर से दिल्ली लाए गए थे। आज उन्हें घर भेजा जा रहा है। शहीदों के शव उनके गांव पहुंचने लगा है। शहीदों के परिजनों के साथ-साथ पूरे इलाके में मामत पसरा है और लोग एक आवाज में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। देशभर में गुस्सा है। चारों तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग हो रही है। ऐसे में सरकार ने भी पाकिस्तान को बेनकाब करने की पूरी तैयारी कर ली है।आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त फैसले लेने शुरू कर दिए हैं और अब पाकिस्तान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव भी बढ़ने लगा है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी MFN का दर्जा वापस ले लिया गया है। आतंकवाद के मुद्दे पर सैनिकों को खुली छूट दे गई है। रणनीतिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के जरिए पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। इसी के तहत शुक्रवार शाम को कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों को  विदेश मंत्रालय बुलाया गया। दक्षिण कोरिया, स्वीडन, जर्मनी, हंगीरी, इटली, यूरोपीय संघ, कनाडा, ब्रिटेन, रूस, इजरायल, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, स्पेन, भूटान और जापान के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई । हमले के बाद पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी दिल्ली बुला लिया गया है। पुलवामा हमले के मद्देनजर विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब किया और पुलवामा आतंकवादी हमले पर कड़ी आपत्ति जताई।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए। हमले के वक्त 2547 जवान 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इसी दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से उनकी बस में टक्कर मार दी। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए। करीब 10 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई दी। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि आदिल अहमद डार नाम के आतंकी ने इस काफिले पर हमले की साजिश रची थी। विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी लेकर आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल ने सीआरपीएफ जवानों के काफिले की बस में टक्कर मार दी। उरी में 18 सितंबर 2016 में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर में यह सुरक्षाबलों पर यह अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला है। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।

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