Blog single photo

चीन ने भी छोड़ा पाकिस्तान का साथ, भारत का किया समर्थन

पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर एक के बाद एक दुनिया के देश पाकिस्तान से दूरी बनाने लगे हैं। इस समय चीन को ही पाकिस्तान का सबसे बड़ी सहयोगी कहा जा रहा है, लेकिन शुक्रवार के बाद शनिवार को भी चीन

Photo: Google 

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 फरवरी): पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर एक के बाद एक दुनिया के देश पाकिस्तान से दूरी बनाने लगे हैं। इस समय चीन को ही पाकिस्तान का सबसे बड़ी सहयोगी कहा जा रहा है, लेकिन शुक्रवार के बाद शनिवार को भी चीन ने जिस तरह से भारत के पक्ष में बयान दिया है, उससे साफ है कि वह भी पाकिस्तान का साथ छोड़ना चाहता है। हालांकि चीन की चालाकी को देखकर कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन चीनी दूतावास ने एक और बयान जारी करते हुए पुलवामा की घटना की भर्त्सना की है।

चीन भले ही आतंकवादी मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दे रहा हो, लेकिन वह भारत से भी संबंध खराब नहीं करना चाहता। इसके अलावा वह यह भी देख रहा है कि जिस तरह से दुनिया के करीब 50 देशों से भारत को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में पाकिस्तान से दूरी बनाना ही सही होगा। इसी कड़ी में भारत में चीनी दूतावास ने एक और बयान जारी किया है। बयान में चीन के विदेश मंत्री वांग ई को कोट करते हुए कहा गया कि चीन ने पुलवामा की घटना की भर्त्सना की है। इसमें यह भी कहा गया कि आतंक पूरी मानवता का दुश्मन है और इससे सबों को मिलकर लड़ने की ज़रूरत है।

कल से आज तक भारत ने करीब 50 देशों के राजनयिकों को पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान के संलिप्तता की जानकारी दी है। सूत्र बताते हैं कि जिन देशों ने अभी तक घटना की भर्त्सना नहीं की है, उनसे भी भर्त्सना करने का आग्रह किया गया है। ऐसे में पाकिस्तान के सबसे बड़े सहयोगी चीन को भी लग रहा है कि आतंकवाद के साथ खुद को खड़ा करना आर्थिक तौर पर सही नहीं होगा।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए। जैश-ए-मोहम्मद का सरगना आतंकी अजहर मसूद है और वह पाकिस्तान में बैठा है। पाकिस्तान की मीडिया ने भी इस हमले के बाद यह साफ कर दिया कि वहां की सरकार मसूद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि उसका संगठन भारत में इतने बड़े हमले को अंजाम देता है।

NEXT STORY
Top