पुरानी विधि के आधार पर आर्थिक विकास के बारे में बताए मोदी सरकार: आनंद शर्मा

नई दिल्ली (25 मई): मोदी सरकार को शुक्रवार( 26 मई ) को तीन साल पूरे हो जाएंगे। सरकार के तीन साल की पूर्व संध्या पर कांग्रेस ने पीएम मोदी और उनकी सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि काम से ज्यादा प्रचार का शोर मोदी सरकार की पहचान बन चुका है।

कांग्रेस ने इकॉनमी और रोजगार की गिरती हालत को लेकर चुनौती भी दी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने विकास दर को मापने के पैमाने ही बदल दिए। सरकार को चुनौती देते हुए आनंद शर्मा ने कहा कि हम सरकार को चुनौती देते हैं कि वह नई व पुरानी दोनों ही विधियों से पिछले दस सालों में जीडीपी के आंकड़ों को देश के सामने लाए। इतना ही नहीं, सत्ता में आने से पहले छह करोड़ रोजगार देने की बात करने वाले पीएम मोदी को चुनौती देते हैं कि पिछले तीन सालों में जितने लोगों को रोजगार दिया है, उनकी लिस्ट सामने लाएं और रोजगार देने की झूठी उम्मीद बंधाने के लिए व अपने दावे के मुताबिक रोजगार न दे पाने के लिए देश के युवाओं से माफी मांगें।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में काम कम और प्रचार ज्यादा होता है। तीन साल के मौके पर होने वाले मोदी फेस्ट को कांग्रेस ने जहां एक ओर प्रचार की एक नई कोशिश करार दिया, वहीं दूसरी उसने बीजेपी सरकार पर व्यक्ति पूजा और अधिनायकवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि काम से ज्यादा अपना प्रचार, तथ्यों को तोड़मरोड़ कर पेश करना, विपक्षी दलों और देश के लोगों की समझ पर सवाल उठाना मोदी सरकार की पहचान बन चुकी है। कांग्रेस ने सरकार पर पिछली तीन सालों में देश के साथ झूठे वादे करने, छल करने और झूठी उम्मीदें जगाने का आरोप भी लगाया।

शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी सरकार देश के खजाने का पैसा एक व्यक्ति और उसका आभामंडल तैयार करने में लगा रही है। पीएम मोदी के आने के बाद से देश में व्यक्तिपूजा और अधिनायकवाद की शुरुआत हुई है। एक ही व्यक्ति सारे फैसले लेता है, जिसे पूरी कैबिनेट मानने के लिए मजबूर है। कांग्रेस ने निशाना साधा कि मोदी राज में कैबिनेट मंत्रियों को भी सवाल पूछने की इजाजत नहीं है।

इतना ही नहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आज देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि किसी को भी सवाल करने की इजाजत नहीं है। जो भी सवाल करता है, उसे राष्ट्रद्रोही करार दिया जाता है। शर्मा का कहना था कि राष्ट्रवाद और राष्ट्रवादी सिर्फ वे ही नहीं हैं, जो बीजेपी और संघ की सोच रखते हैं, उनके इतर लोग भी देश राष्ट्रभक्त हैं।

कांग्रेस का कहना था कि सरकार लोगों को देश के जमीनी हकीकत से जुड़े मुद्दों मसलन, रोजगार, किसानों की समस्या, देश में आतंरिक सुरक्षा, धीमी पड़ती इकॉनमी जैसे महत्वपूर्ण चीजों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान सीमा पर लगातार युद्ध का उन्माद बनाए रखना चाहती है। कांग्रेस ने कश्मीर पर मोदी सरकार की नीति को पूरी तरह से विफल करार दिया। पार्टी का कहना था कि आजादी के बाद से कश्मीर घाटी में इतने बुरे हालात कभी नहीं रहे, जितने आज हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार ने न तो कभी विपक्ष को विश्वास में लिया और न ही देश को।