बैंकों के लॉकर से सामान गुम हो जाने पर आप नहीं मांग सकते मुआवजा

नई दिल्ली(25 जून): आप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के सुरक्षित जमा बक्सों (लॉकरों) से बेशकीमती वस्तुओं की चोरी या लूट के लिए मुआवजा की उम्मीद मत कीजिए क्योंकि लॉकर संधि उन्हें सभी देनदारी से मुक्त करती है।

- यह कड़वी सच्चाई आरटीआई आवेदन पर भारतीय रिजर्व बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जवाब में सामने आयी है।

- इस खुलासे से स्तब्ध आरटीआई आवेदक अब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग चला गया है और उसने लॉकर सुविधा के मामले में बैंकों के बीच गुटबंदी तथा गैर प्रतिस्पर्धात्मक पद्धतियों का आरोप लगाया है।

- उसने आयोग से कहा कि आरटीआई आवेदन के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं किया है और न ही उसने ग्राहक को पहुंचे नुकसान के मूल्यांकन के लिए कोई मानक तय किया है।

- उधर, सभी बैंकों ने भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। वकील को मिली सूचना के मुताबिक 19 बैंकों ने जो कारण बताया है वह यह है कि लॉकर के संबंध में ग्राहकों के साथ उनका जो संबंध है वह मकानमालिक और किरायेदार का है। इन बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक आदि शामिल हैं।