'सरकारी वकील ने कहा- इस्लाम कुबूल कर लो सजा से बचा लूंगा'

नई दिल्ली (31 मार्च): ज्यादातर मामलों में धर्म परिवर्तन कराने वाले को आर्थिक लालच दिया जाता है, लेकिन पाकिस्तान में एक सरकारी वकील ने  हत्या के आरोपियों को इस्लाम कबूल करने पर सजा से बचाने का आश्वासन दे डाला। हत्या के एक मामले में अभियोजन पक्ष के वकील ने  42 आरोपी ईसाइयों से कहा कि अगर वे ईसाई धर्म छोड़कर इस्लाम अपना लें, तो वह उन्हें बरी कराने की गारंटी दे सकता है।


पाकिस्तानी अखबार 'द एक्सप्रेस ट्राइब्यून'  के मुताबिक, इन सभी 42 आरोपियों पर मार्च 2015 में हुए आत्मघाती हमलों के बाद दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप है। ये धमाके लाहौर के युहानाबाद स्थित दो चर्चों में रविवार को होने वाली प्रार्थनसभा को निशाना बनाकर किए गए थे। युहानाबाद में ईसाई समुदाय की अच्छी-खासी संख्या है। यहां रहने वाले ईसाइयों का मानना था कि मारे गए दोनों व्यक्ति इन धमाकों की साजिश में शामिल थे।


जोसफ फ्रांसी नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। जोसफ के मुताबिक, सहायक जिला जन अभियोजन 

वकीलसैयद अनीस शाह ने आरोपियों के सामने यह प्रस्ताव रखा कि अगर वे इस्लाम कबूल कर लेते हैं, तो वह उन सभी को रिहा करवा देगा। फ्रांसी ने बताया, 'वकील ने आरोपियों से कहा कि अगर वे सभी इस्लाम अपना लेते हैं, तो वह उन सबों को इस मामले से बरी करवाने की गारंटी लेता है। इस पर आरोपियों में से एक ने तो यहां तक कह दिया कि वह धर्मपरिवर्तन करवाने की जगह फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार है।' इस मामले की पैरवी कर रहे वकील नसीब अंजुम ने कहा कि शाह का यह प्रस्ताव नया नहीं है। 6 महीने पहले भी उन्होंने यह विकल्प रखा था, जिसे आरोपियों ने ठुकरा दिया था।