तीन देशों के आठ उपग्रह लेकर सोमवार को रवाना होगा इसरो का अंतरिक्ष यान

नई दिल्ली (25 सितंबर):अपने पहले बहुकक्षीय प्रक्षेपण में भारत का प्रमुख प्रक्षेपण यान पीएसएलवी कल देश के मौसम उपग्रह स्कैटसैट-1 और पांच अन्य देशों के उपग्रह सहित कुल आठ अलग-अलग उपग्रहों को दो कक्षाओं में स्थापित करेगा ।

- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महासागर एवं मौसम संबंधी अध्ययन के लिए स्कैटसैट-1 और सात अन्य उपग्रहों के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है ।

- प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी35 सोमवार सुबह 9:12 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा।

- पीएसएलवी-सी35 अपने साथ 371 किलोग्राम वजन वाले स्कैटसैट-1 और सात अन्य उपग्रहों को ले जाएगा जिनमें अमेरिका , अल्जीरिया और  कनाडा के भी  उपग्रह होंगे। 

- इसरो ने कहा कि पीएसएलवी-सी35 जिन आठ उपग्रहों को अपने साथ ले जाएगा उनका कुल वजन 675 किलोग्राम होगा ।

- इसरो के अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने बताया, कल उल्टी गिनती शुरु हो गई और सभी चीजें संतोषजनक तरीके से चल रही हैं।

- कुमार ने बताया कि पीएसएलवी-सी35 उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित करेगा।

- करीब 17 मिनट बाद स्कैटसैट-1 को पहले 730 किलोमीटर वाली पोलर सनसिन्क्रोनस ऑर्बिट  में स्थापित किया जाएगा, जबकि बाकी को करीब दो घंटे के  बाद 689 किलोमीटर वाली एक निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा ।

- कुमार ने कहा कि इस उद्देश्य के लिए प्रक्षेपण यान के दो बूस्टर होंगे ।

- स्कैटसैट-1 के अलावा भारत के शैक्षणिक उपग्रहों - प्रथम और पीआईसैट - अल्जीरिया के अल्सैट-1बी, अल्सैट-2बी, अल्सैट-1एन और अमेरिका के  पाथफाइंडर-1 के साथ कनाडा के एनएलएस-19 को कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा ।

- इसरो के मुताबिक, यह पीएसएलवी का पहला मिशन है, जिसके तहत  उपग्रहों को दो अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किया जाएगा ।