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जम्मू कश्मीर: विरोध-प्रदर्शनों से सेब के निर्यात में आई कमी

एक दिन पहले ही कश्मीर के शोपियां जिले से सेब लेकर आ रहे ट्रक के ड्राइवर को आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी और ट्रक में आग लगा दिया। इस घटना से घाटी में ट्रक की आवा-जाही पर असर पड़ा है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 अक्टूबर):  एक दिन पहले ही कश्मीर के शोपियां जिले से सेब लेकर आ रहे ट्रक के ड्राइवर को आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी और ट्रक में आग लगा दिया। इस घटना से घाटी में ट्रक की आवा-जाही पर असर पड़ा है। यह कश्मीर में ट्रक के उपर तीसरा अटैक है। 5 अगस्त को आर्टिकल 370 हटाने के केंद्र के फैसले से घाटी में आतंकी बौखलाए हुए हैं। वो लगातार सेब के व्यापर पर असर डालने के लिए सेब से लदे ट्रकों को निशाना बना रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के सेब किसानों ने इस साल 9 अक्टूबर तक 4.50 लाख टन सेब का निर्यात किया है। पिछले साल की इसी अवधि में 5.79 लाख टन सेब का निर्यात हुआ था। जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के बाद कम्युनिकेशन पर बैन और अन्य बंदिशों को लेकर विरोध- प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस कारण से सेब के निर्यात में इस वर्ष लगभग 1.35 लाख टन की कमी आई है।

अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच निर्यात बढ़ने की उम्मीद है, जिस दौरान सेब की 70 पर्सेंट फसल का हर साल निर्यात होता है। सरकार ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर के 99 पर्सेंट क्षेत्रों में आवाजाही पर प्रतिबंध नहीं है और पोस्ट पेड मोबाइल सर्विसेज भी 71 दिनों बाद 14 अक्टूबर से दोबारा शुरू की जा रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि इससे फसल की कटाई और निर्यात में मदद मिलेगी।

विरोध-प्रदर्शन रोकने और किसानों से फसल काटने की गुहार करते हुए प्रशासन ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) शुरू की है। इसमें घाटी के चार स्टेशन से सीधे किसानों से सेब खरीदे जाएंगे। हालांकि, MIS का अब तक मामूली असर देखने को मिला है। किसान सरकार के ग्रेडिंग स्टैंडर्ड और घोषित कीमतों से नाखुश हैं। सरकार ने पिछले हफ्ते सेब की विभिन्न किस्मों की कीमतों में बदलाव करने का फैसला किया। इससे किसानों के लिए इस स्कीम का आकर्षण बढ़ेगा।

MIS के तहत नेशनल एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के शोपियां, श्रीनगर, अनंतनाग और सोपोर स्टेशनों के जरिए 9 अक्टूबर तक सेब के 78,800 बॉक्स खरीदे गए हैं। दक्षिण कश्मीर के शोपियां सेंटर से MIS के तहत सबसे कम 2,381 बॉक्स खरीदे गए हैं। इसी क्षेत्र के अनंतनाग सेंटर से सबसे अधिक 70,000 बॉक्स की खरीदारी हुई है। उत्तर कश्मीर के सोपोर में लगभग 3,700 और श्रीनगर में 2,500 बॉक्स खरीदे गए हैं।

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