नगालैंड में महिला आरक्षण के खिलाफ भारी प्रदर्शन, सरकारी इमारतों में लगाई आग

नई दिल्ली( 2 फरवरी ): नगालैंड की राजधानी कोहिमा में शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनाव के दौरान जारी विरोध-प्रदर्शन गुरुवार को बेहद हिंसक रूप ले चुका है। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने प्रावधान किया गया है। जिसके खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी, जिसके बाद अर्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी। खबरों के मुताबिक, इलाके में सेना की 5 टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इधर, गुरुवार को हजारों लोगों ने सचिवालय, म्यूनिसिपल काउंसल और जिला कमिश्नर के ऑफिस की तरफ मार्च किया।

बता दें कि मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में 2 युवकों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। प्रदर्शनाकारियों ने मुख्यमंत्री टी.आर. जेलिआंग और उनके मंत्रियों के इस्तीफे तक दोनों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। जनजातीय संस्था यहां महिलाओं को चुनाव आरक्षण देने का विरोध कर रही है।

इधर, सरकार ने मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी है और एक फरवरी को होने वाला चुनाव रद्द कर दिया। ट्राइबल संस्था एनटीएसी के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनाकरियों ने शवों को मुख्यमंत्री टी.आर. जेलिआंग और सत्ताधारी पार्टी एनपीएफ के अध्यक्ष डॉ. शुरहोजीलाय घरों के सामने ले जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सरकार के समक्ष मुद्दे को उठाने के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति का गठन गुरुवार को आपातकालीन बैठक में किया गया ।

इधर, एनटीएसी (कोहिमा) ने राजभवन को एक ज्ञापन सौंपा, जिस दौरान राज्यपाल पी.बी. आचार्य वहां मौजूद नहीं थे। ज्ञापन में कहा गया है कि स्थिति इसलिए हिंसक हो गई क्योंकि मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट ने शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को टालने के लोगों की लोकतांत्रिक मांगों के खिलाफ जाने का फैसला किया। पुलिस गोलीबारी में मारे गए 2 युवकों को 'नगा शहीद' घोषित किया गया है। एनटीएसी ने गोलीबारी करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किए जाने की मांग की है।