BREAKING: मंदसौर में किसानों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी

मंदसौर (8 जून): महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में किसानों का आंदोलन हर दिन और तेज़ होते जा रहा है। बुधवार को मध्यप्रदेश में आंदोलन ने बेहद उग्र रूप ले लिया। वहीं किसान आंदोलन पर राजनीति भी तेज़ होती जा रही है। राहुल गांधी किसानों से मिलने के लिए मंदसौर पहुंचे हैं। कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोपों की राजनीति भी तेज हो गई है।

मंदसौर में 6 आंदोलनकारियों की मौत के बाद जिस तरह से किसानों का गुस्सा फूटा उसने प्रदेश से लेकर केंद्र तक सरकार को पूरी तरह से हिला कर रख दिया। बुधवार को गुस्साए किसानों ने मंदसौर, देवास, भोपाल में आगजनी और तोड़फोड़ की। डीएम और एसपी के साथ धक्कामुक्की और मारपीट भी की गई।

मंदसौर में किसानों ने बीजेपी के पूर्व एमएलए की गाड़ी सहित 6 ट्रकों में आग लगा दी। मंदसौर की आग बुधवार को देवास भी पहुंची। यहां उग्र किसानों ने 15 बसों को आग लगा दी। पिपरिया थाने में भी किसानों ने आगजनी की और थाने में खड़ी कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। साफ जाहिर है कि किसान आर-पार के मूड में हैं और अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर लड़ाई के लिए तैयार हैं।

किसान क्रांति आंदोलन में राजनीति भी तेज़ हो चुकी है। बीजेपी कांग्रेस पर किसानों को उकसाने का आरोप लगा रही है तो वहीं कांग्रेस बीजेपी को किसान और जवान दोनों का हत्यारा बता रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी किसानों से मिलने मंदसौर पहुंचे। हालांकि प्रदेश सरकार ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी थी।

किसानों के हिंसक होते जा रहे प्रदर्शन ने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार तक सबकी नींद उड़ा दी है। किसानों ने ये साफ कर दिया है कि मांगें माने जाने तक वो मानने वाले नहीं हैं। ऐसे में प्रदेश सरकारों के साथ साथ केंद्र सरकार को भी जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना होगा।