पाक ने चला नया दांव, आजादी की आवाज उठाई तो जेल जाओगे

नई दिल्ली (18 अगस्त): पीओके और गिलगिट-बालिस्तान पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के वहां के नागरिकों की आवाज दबाने के लिए पाकिस्तान ने नया दांव चला है। पाकिस्तान के योजना, सुधार और विकास मंत्री अहसान इकबाल ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) का विरोध करने वालों से आंतकवाद-रोधी कानून से निपटा जाएगा।

हाल के महीनों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में CPEC का विरोध बढ़ा है। इसके जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से विरोधियों का कड़ा दमन किया जा रहा है। गिलगिट-बालिस्तान नेशनल कांग्रेस के डायरेक्टर सेंगे हसन सेरिंग ने ट्वीट किया, 'जो लोग गिलगित बालिस्तान में चीन के CPEC प्रॉजेक्ट का विरोध कर रहे हैं, उनसे आतंकवाद-रोधी कानून की धाराएं लगेंगी।'

स्थानीय लोगों को लगता है कि इस प्रॉजेक्ट से उनके जल संसाधनों का दुरुपयोग होगा और केवल पाकिस्तान को फायदा पहुंचेगा। स्थानीय लोग इस इलाके में चीन के बढ़ते प्रभाव से भी चिंतित हैं। गिलगित बालिस्तान का नेतृत्व भी कई महीनों से इस प्रोजेक्ट के विरोध में है। यहां की अवामी ऐक्शन कमिटी (AAC) ने भी इलाके से सुरक्षा बल वापस बुलाने और प्रोजेक्ट बंद करने तक अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया था। इस कमिटी में करीब 23 धार्मिक, राष्ट्रवादी और राजनीतिक संगठन हैं। यह कमिटी स्थानीय लोगों का इसका लाभ न मिलने के चलते प्रॉजेक्ट के विरोध में हैं।