रैनसमवेयर वायरस के अटैक से खुद को ऐसे बचाएं...

नई दिल्ली (15 मई): रैनसमवेयर वायरस को लेकर आरबीआई ने बैंकों को दी चेतावनी। आरबीआई का कहना है कि यह वायरस कंप्यूटर, मोबाइल के साथ-साथ एटीएम पर भी हमला कर सकता है। RBI, BSE, NSE और NPCI को केंद्र सरकार की साइबर सिक्योरिटी विंग ने भी अलर्ट रहने की चेतावनी जारी की है। साइबर सिक्योरिटी विंग ने रेड कलर्ड अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि सबसे खतरनाक हमले की आशंका।


पिछले वीकेंड पर दुनियाभर के बड़े संस्थानों को ऑनलाइन एक्स्टॉर्शन अटैक के चलते अपने कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम्स और सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर्स को अपडेट करना पड़ा। इस रैनसमवेयर अटैक ने उन नेटवर्क्स को ज्यादा प्रभावित किया जो आउट-ऑफ-डेट सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहे थे। उदाहरण के लिए विंडोज़ XP यूज करने वाले ज्यादा विक्टिम बने, जिसके लिए माइक्रोसफ्ट टेक्निकल सपॉर्ट नहीं देता। करीब 150 देशों में इस तरह के हमले हुए हैं। लोगों की फाइल्स लॉक हो गई हैं और ऐक्सेस रीस्टोर करने के एवज में उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं।


अगर आप इस तरह के हमलों से बचना चाहते हैं तो इन 5 बातों का ध्यान रखें...


1. एक बार अगर वाइरस ने आपकी फाइल्स को एनक्रिप्ट कर दिया तो आपके पास उन्हें वापस लेने के लिए बहुत कम विकल्प बचेंगे। बेहतर होगा कि आप जरूरी फाइल्स का बैकअप लिया करें।

2. इनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं, जिन्होंने माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ का मार्च वाला सॉफ्टवेयर फिक्स अपडेट नहीं किया। चूंकि यह वाइरस यूनिवर्सिटी, बिजनस और गवर्नमेंट नेटवर्क्स में फैल रहा है।

3. ऐंटी-वाइरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने से आप उन वाइरसेज़ से बच सकते हैं जो कॉमन हैं। ऐंटी-वाइरस सॉफ्टवेयर स्कैनिंग के जरिए इनका पता लगा लेते हैं और ब्लॉक कर देते हैं।

4. पहली तो किसी को भी संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक नहीं करना चाहिए और ऐसे अटैचमेंट्स भी नहीं खोलने चाहिए। हैकर्स यूजर्स को इन्फेक्टेड ईमेल लिंक्स के जरिए शिकार बनाते हैं।

5. तुरंत अपने कंप्यूटर्स को डिस्कॉनेक्ट कर दें। नेटवर्क शटडाउन करने से एनक्रिप्शन की प्रक्रिया रुक जाएगी और अन्य फाइल्स प्रभावित होने से बच जाएंगी। हैकर्स कई बार मेसेज डिस्प्ले करते हैं आप अपने नेटवर्क को ऑन रखें वरना और नुकसान हो सकता है मगर उनकी बातों में न आएं।