यहां पिता और भाई लगाते हैं अपनी बहन-बेटियों के जिस्म की बोली...!

नई दिल्ली (17 अक्टूबर): मध्य प्रदेश की की एक जनजातीय समुदाय बाछड़ा। इस समुदाय के परिवार में जब लड़की पैदा होती है को तो पूरा कबीला जश्न मनाता है। जश्न इसलिए नहीं कि वो महिलाओं को सम्मान देते हैं, बल्कि उन्हें लगता है कि उनके घर में आमदनी की जरिया आ गया। इस समुदाय की परंपरा है कि महिलाएं अपना जिस्म बेच कर घर परिवार का खर्च चलाती हैं।

घर के मर्द अपनी बहन बेटी के जिस्म का सौदा खुद करते हैं। यह समुदाय मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम व कुछ अन्य इलाकों में रहता है। घर की महिलाएँ भी कभी विरोध नहीं करतीं। हर रात जहां और जिसके साथ जाने को पिता और भाई इशारा करते हैं ये चल देती हैं। इस समुदाय में यह परंपरा भी है कि कोई शख्स किसी लड़की से शादी करना चाहता है तो उसे लड़की वालों को एकमुश्त बड़ी रकम चुकानी होती है।

शादी से पहले समुदाय की पंचायत बैठती है वो लड़की रूपरंग और आयु के हिसाब से उसकी कीमत तय करते हैं। अगर बोली लगाने वाले एक से ज्यादा होते हैं तो शादी उसी के साथ की जाती है जो ज्यादा पैसा देता है। सरकार ने इस समुदाय को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश की है लेकिन ये लोग अपनी पंरपरा छोड़ने को तैयार नहीं हैं।