पंजाब विधानसभा में 33 फीसदी महिला आरक्षण बिल पास



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 दिसंबर): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के उद्देश्य से महिला आरक्षण बिल को कानूनी रूप देने की केंद्र सरकार से मांग करते हुए शुक्रवार को पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया। 


इस प्रस्ताव को स्पीकर ने सदन में वोटिंग के लिए पेश किया गया और सदन के सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पारित कर दिया। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिए जाने के फैसले का जिक्र किया और इस प्रस्ताव को जल्द कानूनी रूप देने की केंद्र सरकार से मांग की। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की लंबे समय से लंबित मांग पूरी होगी और उनके सशक्तीकरण को यकीनी बनाया जा सकेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिल राष्ट्रीय चुनाव प्रक्रिया और फैसला लेने की प्रक्रिया में महिलाओं और पुरुषों के लिए संतुलित नुमाइंदगी और बराबरी को सुनिश्चित करेगा। कैप्टन ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस की तत्कालीन प्रधान सोनिया गांधी द्वारा यह प्रक्रिया शुरू किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने यह प्रस्ताव संसद के ऊपरी सदन में पास किए जाने को सुनिश्चित किया था लेकिन विपक्ष के कारण लोकसभा में यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।

संसद और विधानसभाओं में पहुंच सकती हैं 1551 महिलाएं
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए सदन को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा यह बिल पारित किए जाने से लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 181 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही देश की सभी विधानसभाओं की कुल 4109 सीटों में से 1370 सीटों पर महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अधिकार मिलेगा।