कोर्ट की सख़्ती ने ग्राहकों के लिए खोले नए दरवाजे

नई दिल्ली (11 सितंबर): बिल्डरों की मनमानी और झूठ के ख़िलाफ़ कोर्ट की सख़्ती ने बायर्स के लिए उम्मीदों के नए दरवाजे खोल दिए हैं। सुपरटेक जैसे रियल एस्टेट के बड़े नाम को देश की सर्वोच्च अदालत ने दो टूक बायर्स का पैसा लौटाने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन बायर्स को राहत मिली है, जिन्होंने विवादित टावर्स में फ्लैट बुक कराए थे। लेकिन इन टावर्स की वजह से इमरल्ड कोर्ट के बाकी टावर्स में रह रहे लोगों की ज़िंदगी भी मुहाल हो गई है। लोगों का आरोप है कि दोनो विवादित टावर्स ग्रीन एरिया पर बनाए गए हैं। टावर्स की वजह से लोग खुली हवा और रोशनी से भी महरूम हो गए हैं। हालांकि सुपरटेक का दावा है कि दोनों टावर्स का बाकी प्रोजेक्ट से कोई लेना-देना नहीं है।

कोर्ट ने केवल सुपरटेक के ख़िलाफ़ ही सख्ती नहीं दिखाई है। इस फेहरिस्त में सुपरटेक के अलावा यूनिटेक, पार्श्वनाथ, डीएलएफ समेत कई बड़े बिल्डर्स शामिल हैं। हर मामले ने साफ कर दिया है कि कोर्ट के तेवर कड़े हैं और अब बिल्डर्स की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो:

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=JXnRrF3WJ74[/embed]