UP आ रही हैं प्रियंका, चुनावों में 'आनंद भवन' बनेगा कांग्रेस का कंट्रोल रूम

संजीव त्रिवेदी, नई दिल्ली (28 जून): कांग्रेस ने यूपी के महाभारत में उतरने से पहले प्रियंका वाड्रा को आगे करने का फैसला कर लिया है। सूत्रों से न्यूज़ 24 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, प्रियंका पूरी यूपी में विधानसभा चुनाव प्रचार करेंगी। मतलब, प्रियंका यूपी में कांग्रेस का चेहरा होंगी। प्रियंका की सियासी ब्रैंडिंग इंदिरा गांधी की पोती के तौर पर किया जाएगा। 

यूपी के राजनीतिक अखाड़े में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को आगे कर दिया है। मतलब, यूपी के महाभारत में अखिलेश यादव और मायावती को प्रियंका गांधी चुनौती देंगी। कांग्रेस ने लगातर मिल रही चुनावी हार को जीत में बदलने के लिए अब प्रियंका गांधी को आगे करने फैसला कर लिया है। 

न्यूज 24 को सूत्रों के हवाले से मिली खबरों के मुताबिक अब तक खुद को सिर्फ अमेठी और रायबरेली में सिमित रखने वाली प्रियंका इस बार पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रमुख चेहरे के तौर पर सामने आएंगी। इस बार कांग्रेस की तरफ से बीजेपी से लेकर समाजवादी पार्टी और बीएसपी को पूरे प्रदेश में घूम-घूमकर सीधी टक्कर देने की जिम्मेदारी प्रियंका निभाएंगी।

प्लान प्रियंका का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा होगा प्रियंका को इंदिरा गांधी की छवि के तौर पर पेश करना और इसके लिए प्रियंका को भी इंदिरा की तरह इलाहाबाद की बेटी के तौर पर पेश किया जाएगा। चुनाव के दौरान प्रियंका का कंट्रोल रूम इलाहाबाद में गांधी परिवार के पैतृक निवास आनंद भवन होगा। हाल ही में सोनिया गांधी एक अरसे बाद आनंद भवन पहुंची थी और उसका मुआयना किया था। सोनिया की इस यात्रा को प्लान प्रियंका से ही जोड़ कर देखा जा रहा है।

प्लान प्रियंका के लिए काम कर रहे चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पूरी टीम लखनऊ नहीं इलाहाबद में ही बैठेगी और चुनाव के दौरान प्रियंका को सीधी रिपोर्ट करेगी। प्रियंका मैदान में उतरें इसके पहले कांग्रेस राज्य के छोटे दलों से गठबंधन करेगी। जिन छोटे दलों से बातचीत चल रही है उसमें प्रमुख हैं पीस पार्टी, महान दल और अपना दल का दूसरा गुट। जेडीयू कांग्रेस का गठबंधन सहयोगी होगा ये पहले से ही तय है।

प्लान प्रियंका के मद्देनजर पार्टी आलाकमान ने हाल ही में गुलाम नबी आजाद जैसे वरिष्ट नेता को यूपी कांग्रेस का प्रभारी बनाया हैखबरें हैं कि रणनीति को लेकर प्रियंका और आजाद की इस दौरान दिल्ली में कई बैठकें भी हो चुकी हैं। प्रियंका द्वारा किए जाने वाले कैंपेन का ब्लूप्रिंट राज्य के विभिन्न जनपदों से मिले फीडबैक के आधार पर तैयार किया जा रहा है।

प्लान प्रियंका की सुगबुगाहट का असर लखनऊ में भी अब दिखने लगा है। नेताओं में प्रियंका की चर्चा है और लगने वाले पोस्टरों और होर्डिंग में प्रियंका को प्रमुखता से जगह दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार लक्ष्य ये है कि प्रियंका गांधी को सामने रख यूपी चुनाव के नतीजों को एकतरफा न रहने दिया जाए। अगर विधान सभा त्रिशंकु हो जाती है तो आकलन ये है कि प्लान प्रियंका के जरिए चुनाव के बाद कांग्रेस कम से कम किंगमेकर की भूमिका जरूर हासिल कर लेगी और इस तरह 2019 से पहले यूपी में कांग्रेस गति पकड़ लेगी।