Blog single photo

कपिल सिब्बल के ट्वीट से उठे सवाल, बनारस में पीएम मोदी के खिलाफ उतरेंगी प्रियंका ?

राजनीति में पूरी तरह से एंट्री करने वाली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रियंका प्रधानमंत्री नरेंद्र

Photo: Google 

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जनवरी): राजनीति में पूरी तरह से एंट्री करने वाली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी को लेकर कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक ऐसा ट्वीट किया है, जिसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रियंका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनावों में बनारस से चुनाव लड़ेंगी। हालांकि कल राहुल ने जिस तरह से फ्रंटफुट पर खेलने की बात कही थी, उससे एक बात पूरी तरह से साफ हो गई थी कि यूपी में कांग्रेस कुछ बड़ा दांव खेलने वाली है।

कपिल सिब्बल ने आज एक ट्वीट किया, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रियंका गांधी वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगी। दरअसल, कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, 'मोदीजी और अमित शाह ने कांग्रेस मुक्त भारत का आह्वान किया था। प्रियंका गांधी के अब पूर्वांचल की सियासत में आने से हम देखेंगे .... मुक्त वाराणसी? .... मुक्त गोरखपुर?'  ये दोनों सीटें पूर्वांचल में आती हैं, जहां की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी को सौंपी गई है। ऐसे में राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस को इस इलाके में पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रियंका को वाराणसी सीट से नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतार सकती है?

प्रियंका गांधी के लोकसभा चुनाव लड़ने पर बुधवार को राहुल गांधी ने कहा था कि ये फैसला पूरी तरह से प्रियंका पर ही निर्भर करेगा। हमारा बड़ा स्टेप लेने के पीछे मकसद यही है कि हम इस चुनाव में बैकफुट पर नहीं फ्रंटफुट पर लड़ेंगे। कांग्रेस पार्टी पूरे दमखम से ये चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर बहुत खुश हूं, क्योंकि वह बहुत कर्मठ व सक्षम हैं और अब मेरे साथ काम करेंगी।

बता दें कि प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में कदम रखने से पहले तक वो अमेठी और रायबरेली में ही चुनाव प्रचार तक ही अपने को सीमित रखती थीं। अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से सोनिया गांधी सांसद है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने बनारस संसदीय सीट से उतरकर पूर्वांचल में सभी दलों का सफाया कर दिया था। महज आजमगढ़ सीट थी, जिसे बीजेपी नहीं जीत सकी थी।

NEXT STORY
Top