अगस्त से UP में कांग्रेस की 'मजबूती' के लिए मैदान में उतरेंगी प्रियंका

रमन कुमार, नई दिल्ली (11 जुलाई): कांग्रेस ने यूपी के महाभारत के लिए अपना ठोस प्लान तैयार कर लिया है। सब कुछ प्लानिंग के मुताबिक चला तो प्रियंका गांधी 12 अगस्त से यूपी में कांग्रेस को पावर में लाने के लिए मैदान में उतर जाएंगी। और कांग्रेस का कंट्रोल रूम होगा- इलाहाबाद का स्वराज भवन। 

सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आज से ठीक एक महीने बाद 12 अगस्त को प्रियंका गांधी के कदम यूपी की सियासत में पड़ जाएंगे। यूपी के लिए कांग्रेस की रणनीति बना रहे प्रशांत किशोर का पहला मिशन कामयाब होता दिख रहा है। कांग्रेस ने अपने तुरुप का पत्ता खेलने का पूरा मन बना लिया है। 

सूत्रों के मुताबिक प्रियंका गांधी इलाहाबाद के स्वराज भवन से 12 अगस्त को कांग्रेस के चुनावी प्रचार की शुरुआत करेंगी। यूपी चुनाव में प्रियंका गांधी ताबड़तोड़ रैलियां करेंगी और उनका केंद्र इलाहाबाद का स्वराज भवन। वही स्वराज भवन जहां से इंदिरा गांधी ने सियासत का ककहरा सीखा और जो वर्षों तक कांग्रेस कमेटी का कार्य़ालय रहा तो आखिर प्रियंका गांधी को इलाहाबाद से सक्रिय करने की रणनीति क्या है।

दरअसल, कांग्रेस की पूरी नजर ब्राह्मण वोटों पर हैं। यूपी के 60 जिलों में 8 प्रतिशत ब्राह्मण वोट है। यूपी के 29 जिले ऐसे हैं जहां ब्राह्मण वोट 12 फीसदी है, इलाहाबाद और उसके आसपास के जिले जैसे मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में ब्राह्मणों के वोट और भी ज्यादा हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि प्रियंका गांदी की सक्रियता से इस इलाके के ब्राह्मण जो परंपरागत तौर पर कांग्रेस के साथ जुडे थे, दोबारा पार्टी के पाले में आ सकते हैं।

प्रियंका गांधी के यूपी में उतरने के बाद कांग्रेस आक्रामक चुनावी प्रचार के मूड में है। कांग्रेस को लगता है पार्टी में नई जान फूंकने के लिए प्रियंका गांधी को उतारने के बाद अल्पसंख्यकों का रुख भी कांग्रेस के पक्ष में आ सकता है। न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त के दूसरे हफ्ते के बाद प्रियंका गांधी का प्रचार का सिलसिला शुरु होगा। कांग्रेस बड़ी- बड़ी रैलियां करने के बजाय प्रियंका की छोटी-छोटी 180 रैलियां करेगी।

प्रियंका का जोर अमेठी, रायबरेली से लेकर पूर्वांचल की तरफ ज्यादा होगा। दलित वोटों के मायावती और यादव वोटो के मुलायम के साथ जाने और अति पिछड़ों पर बीजेपी की नजर है। लिहाजा कांग्रेस ने ब्राह्मण और राजपूत वोटों में सेंधमारी की योजना बनाई है। इसके लिए बड़ी तादाद में ब्राह्मण, राजपूत और अल्पसंख्यकों को टिकट देने की योजना है इन तीनों को मिलाकर 36 फीसदी वोट हैं । गुलाम नबी आजाद, प्रियंका गांधी और शीला दीक्षित की तिकड़ी को इसके लिए इस्तेमाल किया जाएगा कांग्रेस की कोशिश है कि नवंबर तक यूपी में वो भी एक ताकत के तौर पर अपनी पहचान दर्ज करा दे।

कांग्रेस के रणनीतिकार मानते हैं कि आज के हालात में यूपी में सिय़ासी पार्टियां कांग्रेस को कमजोर आंक रही हैं और जनता में भी कांग्रेस की चर्चा कम है। इसलिए सबसे पहले प्रियंका गांधी के सियासत में आने की चर्चा जोरों पर चले और उसके बाद जमीन पर ताकत का अहसास कराया जाए। संसद के मानसून सत्र के बाद कांग्रेस अपने पत्ते खोल देगी।