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जिस नाव में प्रियंका बैठीं ! क्या उसे BJP समर्थकों ने जला दिया ?

गंगा की धारा के किनारे वाली यूपी की 40 सीटों को साधने के लिए प्रियंका गांधी ने बोट यात्रा निकाली। इन सीटों पर कांग्रेस की नैया खेने के लिए प्रियंका ने मल्लाहों की नाव का सहारा लिया, लेकिन अचानक एक वायरल खबर सोशल मीडिया पर हाहाकार मचाए हुई है। खबर वायरल है कि प्रियंका को नाव से घुमाने पर बीजेपी के समर्थकों ने वो नाव ही जला दी, जिसमें प्रियंका

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 मार्च): गंगा की धारा के किनारे वाली यूपी की 40 सीटों को साधने के लिए प्रियंका गांधी ने बोट यात्रा निकाली। इन सीटों पर कांग्रेस की नैया खेने के लिए प्रियंका ने मल्लाहों की नाव का सहारा लिया, लेकिन अचानक एक वायरल खबर सोशल मीडिया पर हाहाकार मचाए हुई है। खबर वायरल है कि प्रियंका को नाव से घुमाने पर बीजेपी के समर्थकों ने वो नाव ही जला दी, जिसमें प्रियंका ने यात्रा की थी।ट्विटर और फेसबुक पर हस्तक्षेप डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर प्रकाशित इस खबर को सैकडों नहीं हजारों यूजर्स शेयर कर रहे हैं। यूजर्स की प्रतिक्रियाओं से पता चलता है कि इस खबर को पढ़कर लोगों में कितना गुस्सा है। ट्विटर पर सैकड़ों ट्वीट हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि गरीब मल्लाह की नाव जलाने पर मल्हाज समाज इस बार बीजेपी से बदला लेगा, लेकिन सोशल मीडिया पर ही इस इस नाव को जलाए जाने की एक दूसरी ही कहानी बताई जा रही है।वायरल खबर में कहा गया है कि एक गरीब मल्लाह को प्रियंका से मिलने पर भगवा समर्थकों ने उनकी नाव जला दी। ये बीएचयू के छात्र हरिश्चंद्र बिंद की है जो बिंद, धीमर और मल्लाह समाज के लिए काम करता है। उसने मोदी सरकार से नाविकों के लिए कुछ मांग की थी, जिसे सरकार ने अनसुना कर दिया। इसके बाद उसने विपक्षी प्रियंका गांधी के पूर्वांचल आगमन पर अपने समाज की मांग रखी और उन्हें अपनी नाव पर गंगा में घुमाया भी। प्रियंका से उसे कुछ आश्वासन भी मिले, लेकिन दूसरे ही दिन आजीविका के एकमात्र साधन उसकी नाव में आग लगा दी गई। ये कौन सा लोकतंत्र और कौन सा नया भारत बनाया जा रहा है ?कुछ वायरल मैसेजिस में बीएचयू के छात्र हरिश्चंद्र बिंद का जिक्र था। हमने पड़ताल शुरू की तो फेसबुक पर हरिश्चंद्र बिंद की प्रोफाइल पर एक वीडियो मिला। वीडियो गंगा निषाद सेवा समिति के महासचिव हरिश्चंद्र का है, हमने हरिश्चंद्र को ढूंढ निकाला लेकिन उन्होंने जो बताया वो कुछ और ही कह रहा था। हरिश्चंद्र ने बताया कि कुछ लोगों ने विनोद मांझी की नाव जलाई थी, लेकिन ये वो नाव नहीं थी, जिसमें प्रियंका ने सफर किया था। हमें गंगा के किनारे वो नाव भी मिल गई, जिसमें प्रियंका ने प्रयागराज से वाराणसी तक बोट यात्रा निकाली थी।हमने आस पास कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नाव खेने वाले मल्लाहों से इस खबर के बारे में पूछा, सबने एक सुर में कहा कि नाव आपसी विवाद में जलाई गई है और उसका प्रियंका की बोट यात्रा से कोई लेना देना नहीं है। हमारे सामने प्रियंका की बोट यात्रा वाली नाव थी। हमें जली हुई नाव का वीडियो बनाने वाले हरिश्चंद्र बिंद का पता चल चुका था और गंगा के घाट के किनारे कई मांझियों ने ये बिल्कुल साफ कर दिया था कि सोशल मीडिया पर सरासर भ्रामक और झूठी खबर फैलाई जा रही है। सच ये है कि जिस मांझी की नाव को अपराधियों ने जलाया है वो करीब एक साल से गंगा में उनकी नाव नहीं चलने दे रहे और ये आपसी विवाद का मामला है। इस विवाद का प्रियंका की बोट यात्रा से कोई लेना देना नहीं है।न्यूज 24 की पड़ताल में यह खबर झूठ निकली।

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