कांग्रेस छोड़ शिवसेना में शामिल हुई प्रियंका चतुर्वेदी, जानें- इस्तीफे की असली वजह !

पंकज मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (19 अप्रैल): कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी पार्टी को अलविदा कहकर शिवसेना में शामिल हो गई हैं। प्रियंका ने कांग्रेस के इस्तीफे की वजह मथुरा में हुई बदसलूकी को बताया है।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखे पत्र में उन्होंने पार्टी में मिली जिम्मेदारियों के लिए शुक्रिया अदा करने के साथ यह भी लिखा कि पिछले कुछ वक्त से उनके काम की पार्टी को कद्र नहीं रही। प्रियंका चतुर्वेदी ने  शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में शिवसेना ज्वाइन की। शिवसेना में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं मुंबई के लिए काम करना चाहती हूं यही कारण है कि इस दल में शामिल हुई हैं। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस में जब कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, लेकिन वापस उन्हें पार्टी में जगह दी जाती है इससे उनके आत्मसम्मान को ठोस पहुंचीं।

शिवसेना में शामिल होने के बाद प्रियंका ने कहा, 'मेरी जिम्मेदारी मुद्दों को लेकर है। मैंने टिकट की वजह से पार्टी (कांग्रेस) नहीं छोड़ी। मथुरा से मेरे माता-पिता आते हैं, लेकिन मैंने वहां से टिकट नहीं मांगी थी। मैंने आत्मसम्मान की लड़ाई लड़ी है। मैंने पार्टी को बताया था कि मेरी क्या तकलीफ है। महिला सम्मान बड़ा मुद्दा है।' शिवसेना में शामिल होने पर उन्होंने कहा, 'मेरा कभी भी शिवसेना को लेकर मन परिवर्तन नहीं हुआ। शिवसेना से मेरा बचपन से जुड़ाव रहा है। महाराष्ट्र वालों के दिल में शिवसेना राज करता है। मैं निष्ठा से सच्चाई से बता रही हूं कि मेरी कुछ भी उम्मीदें पार्टी से नहीं हैं। मैं सेवाभाव की निष्ठा से जुड़ी हूं, पदवी को लेकर नहीं आई हूं। अब मैं आगे की लड़ाई लड़ रही हूं।' इस मौके पर शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने कहा, 'शिवसेना प्रियंकाजी का स्वागत करती है। प्रियंकाजी आप पूरे देश में शिवसेना के लिए काम करेंगी।' प्रियंका ने कहा कि मुझे पता है अब मेरे ऊपर सवाल उठाए जाएंगे, पिछले ट्वीट्स को उछाला जाएगा. लेकिन मैंने सोच समझकर ये फैसला लिया है। मुझे उम्मीद थी कि उन्हें लोकसभा का टिकट जरूर मिलेगा, लेकिन मैं उससे निराश नहीं थी।

हालांकि प्रियंका चतुर्वेदी के इस्तीफे के पीछे कई राजनीतिक कारण भी बताए जा रहे हैं। प्रियंका खुद चुनाव लड़ना चाहती थीं और उनकी नजर यूपी की मथुरा सीट पर थी।  लेकिन मथुरा की सीट कांग्रेस ने महेश पाठक को दे दी थी जो मुंबई के बिजनेसमैन हैं। प्रियंका मुंबई की एक और सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं जो संजय निरूपम को मिल गई। वजह ये बताई गई कि संजय निरूपम मुंबई प्रदेश अध्यक्ष के नाते पिछले 5 सालों से सड़कों पर आंदोलन करते रहे हैं। दूसरा, कांग्रेस ने मुंबई में प्रिया दत्त और उर्मिला मातोंडकर यानी दो महिलाओं को टिकट दे दिया था। तीसरी महिला उम्मीदवार के लिए अब वहां जगह नहीं बन रही थी। राजनीति के जानकार मानते हैं कि प्रियंका के इस तात्कालिक फ़ैसले के पीछे भले ही मथुरा की घटना हो लेकिन उसके पीछे एक गहरी राजनीतिक सोच भी है।