सामने आया 'गायब' गवाह, कहा, सलमान खान ने काले हिरन को मारा

नई दिल्ली(28 जुलाई): चिंकारा शिकार मामले के प्रमुख गवाह, जिसके 'गायब' होने की बात कही जा रही थी, एक बार फिर सामने आया है। हरीश दुलानी शिकारी वाली घटना के साल यानी 1998 में सलमान खान के ड्राइवर थे। उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा सलमान को बरी किए जाने के फैसले पर सवाल उठाया है।

इससे पहले हरीश इस मुकदमे की कई सुनवाइयों में गैरमौजूद रहे थे। उन्होंने कई बार कोर्ट के समन को भी अनदेखा किया था। उनका कहना है कि उन्हें ऐसा मजबूरी में करना पड़ा क्योंकि गवाही देने पर उन्हें धमकियां मिल रही थीं। बुधवार को हरीश एक बार फिर मीडिया के सामने आए और उन्होंने कहा कि वह अपने उस बयान पर कायम हैं जो उन्होंने 1998 में मैजिस्ट्रेट के सामने दिया था- कि सलमान खान ने चिंकारा को मारा था। उन्होंने कहा कि अब अगर उन्हें कोर्ट में बुलाया जाता है तो वह अपना यही बयान दुहराएंगे।

राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को सलमान को काला हिरन शिकार मामले में बरी कर दिया था। इससे पहले एक लोवर कोर्ट ने सलमान को दोषी ठहराया था लेकिन हाई कोर्ट ने यह फैसला उलट दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में प्रमुख गवाह यानी हरीश दुलानी 'गायब' हो गए थे और बचाव पक्ष मुकदमे के दौरान उनके बयानों को क्रॉसचेक नहीं कर सका। हालांकि दुलानी का दावा इससे बिल्कुल उलट है। उन्होंने बुधवार को एक स्थानीय हिंदी अखबार को बताया,'मैं गायब नहीं हुआ।'

दुलानी पूछते हैं,'सलमान को बरी कैसे किया जा सकता है? अभी मेरा बयान लिया जाना बाकी है।' दुलानी के खुलकर सामने आने से सलमान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा वह एक और काले हिरन के शिकार मामले में गवाह हैं। केस की सुनवाई 10 अगस्त को तय की गई है। दुलानी ने कहा कि कोर्ट ने मुझे बुलाया है। मैं जाऊंगा और अपना बयान दुहराऊंगा।

दुलानी ने बताया कि इस केस में गवाह बनने के बाद उन्हें और उनके परिवार को बड़ी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। उन्हें और उनके पिता को धमकी भरे कॉल्स आए। उनकी नौकरी छूट गई और उनके माता-पिता का सुख-शांति छिन गई। दुलानी ने इस बात से भी इनकार किया कि बॉलिवुड ऐक्टर को बचाने के लिए उन्हें 'खरीदने' की कोशिशें की गई थीं। उन्होंने कहा,'लोगों ने मेरे बारे में बहुत तरह की बातें की। कुछ ने कहा कि मैं दुबई चला गया हूं। लेकिन सच्चाई तो यह है कि मेरे पास पासपोर्ट तक नहीं है।'