BIG BREAKING: भ्रष्टाचार के आरोप में नपे नवाज शरीफ, पाक SC ने पीएम पद से किया बर्खास्त

नई दिल्ली (28 जुलाई): पनामा केस मामले में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद नवाज शरीफ पाकिस्तान के पद से हटाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की बेंच ने नवाज शरीफ के खिलाफ फैसला सुनाया। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने एनएबी को आदेश दिया है कि वे दो हफ्तों के अंदर नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ केस दायर करें। सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को पद से बर्खास्त करते हुए तुरंत इस्तीफा देने का आदेश दिया है।

पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 62 और 63 के आधार पर सुप्रीम कोर्ट बेंच ने 5-0 बहुमत से नवाज को PM पद के लिए अयोग्य घोषित किया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 18 जुलाई को की गई टिप्पणी में ही इस फैसले का संकेत मिल गया था। कोर्ट ने नवाज के सामने 2 विकल्प रखे थे- एक तो यह है कि इस केस से जुड़े तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट खुद फैसला सुनाए या फिर यह मामला नैशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (NAB) को सौंप दिया जाए। 

बता दें कि शरीफ के परिवार के विदेश में संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था और जेआईटी ने 10 जुलाई को अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंप दी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि शरीफ और उनके बच्चों का रहन सहन उनके आय के ज्ञात स्रोत के मुताबिक नहीं है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का नया मामला दर्ज करने का सुझाव दिया गया था।

फैसला सुनाते हुए जस्टिस एजाज अफजल खान ने कहा, 'नवाज शरीफ अब पाकिस्तानी संसद के ईमानदार और समर्पित सदस्य होने के योग्य नहीं हैं। उन्हें प्रधानमंत्री का पद छोड़ना होगा।' पाकिस्तान चुनाव आयोग ने तत्काल नवाज की योग्यता को खारिज करने का आदेश दिया है। आयोग कोर्ट ने मरियम, हसन, हुसैन और इसाक डार के खिलाफ दायर मामलों की जांच का काम NAB को सौंपा है। NAB पाकिस्तान की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार निरोधी संस्था है। यह एक स्वायत्त और संवैधानिक बॉडी है, जिसका काम भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई करना है। 

इस फैसले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार रात से ही इस्लामाबाद और रावलपिंडी को एहतियातन हाई अलर्ट पर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तानी संसद के बाहर ही काफी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। किसी भी अप्रिय वारदात की स्थिति से निपटने के लिए कोर्ट के बाहर करीब 3,000 पुलिसकर्मियों व अर्धसैनिक बलों को ड्यूटी पर लगाया गया है। गुरुवार शाम सुप्रीम कोर्ट ऑफिस ने शुक्रवार की कार्य सूची के अंतर्गत पनामागेट पर फैसला सुनाए जाने की जानकारी दी थी। इससे पहले बताया गया था कि फिलहाल अगले 2 हफ्तों तक इस केस पर सुनवाई नहीं होगी। 

सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष असमा जहांगीर ने अदालती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे 'अस्वभाविक और अनुचित' बताया। उन्होंने कहा कि JIT द्वारा जमा की गई रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की दलीलों को 3 जजों की बेंच ने सुना, लेकिन निर्णायक फैसला सुनाने के लिए 5 सदस्यों की खंडपीठ गठित की गई। जस्टिस आसिफ सईद खोसा के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यों की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।