2016 में सीमित विदेश यात्राएं करेंगे PM मोदी

नई दिल्ली (1 जनवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2016 में सीमित विदेश यात्राएं करेंगे। वह विदेश यात्रा तभी करेंगे जब यह बेहद जरूरी होगा। इस तरह वह अपना ध्यान देश के घरेलू मामलों पर लगाएंगे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम की देश में मौजूदगी उन्हें आने वाले बजट सत्र के लिए तैयारी करने के लिए मददगार साबित होगी। मोदी सरकार संसद में साल 2016 में अपने कार्यकाल का तीसरी बार बजट पेश करेगी। 

कहा जा रहा है, कि मोदी की 19 महीनों में 33 देशों की यात्राएं विदेशी संबंधों को पुनर्जीवित करने के लिए की गई थीं। ये यह साबित करने के लिए इसलिए भी जरूरी था कि पीएम अपने पड़ोस को भी संभाल सकते हैं। एक शीर्ष भारतीय राजनयिक ने बताया, ''पीएम मोदी के व्यस्त विदेशी अनुबंध इस धारणा को भी खत्म करने के लिए थीं कि पूर्व मुख्यमंत्री जिन्हें कम कूटनीतिक अनुभव है, वे भी उच्च स्तरीय बैठकों को सफल बना सकते हैं, साथ ही कांग्रेस समर्थक विद्वानों के उन्हें पश्चिम के दौरे के लिए वीजा ना दिए जाने के लिए चलाए गए अभियान का सामना करना भी था। ये अभियान उनके साल 2002 के गुजरात दंगों में कथित भूमिका की वजह से चलाया गया था।''

फिलहाल उनके शिड्यूल में अभी फरवरी में रियाद का दौरा ही है। इसके अलावा मार्च में ब्रुसेल्स में भारत-यूरोप समिट और वाशिंगटन में न्यूक्लियर सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होना शामिल है। इसके बाद आधे साल होने के करीब पीएम मोदी सार्क समिट में पाकिस्तान जाएंगे।