कुंभ से पहले PM मोदी का प्रयागराज को तोहफा, 4000 करोड़ रूपए की परियोजनाओं का किया लोकार्पण

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 दिसंबर): पीएम मोदी ने प्रयागराज को तप, तपस्या और संस्कार की धरती बताते हुए जनता का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने जनसभा में कहा, 'दिव्य और जीवंत प्रयागराज को और आकर्षक एवं आधुनिक बनाने से जुड़ी तकरीबन साढ़े 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास अभी किया गया है। इसमें सड़क, रेलवे, शहर और मां गंगा की सफाई, स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्टस आदि कई चीजें शामिल हैं।' जनसभा से पहले पीएम मोदी ने संगम घाट पर गंगा पूजन भी किया।  

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं पिछले डेढ़ वर्षों से विदेशों में जा-जाकर लोगों को कुंभ में शामिल होने का निमंत्रण दे आया हूं क्योंकि मैं भी अब उत्तर प्रदेश वाला हूं न।' पीएम मोदी ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि भारत की एक नई तस्वीर लेकर लोग वापस जाएं।  

प्रयागराज में पीएम मोदी ने कहा, 'इन सुविधाओं के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। इन परियोजनाओं से कुंभ में यहां कल्पवास करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी।' उन्होंने कहा कि कुंभ को ध्यान में रखते हुए रेलवे मंत्रालय कई नई ट्रेनें चलाने जा रहा है। प्रयागराज के नए टर्मिनल को एक साल के भीतर बनाया गया है। इस टर्मिनल से यात्रियों की सुविधा तो बढ़ेगी ही, इसके साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ कनेक्टिवटी हो जाएगी।   

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व की सरकारों पर हमला करते हुए कहा, 'पहले की तरह कच्चा-पक्का काम नहीं किया गया है। जिन चीजों का निर्माण किया जा रहा है, सभी चीजें अब स्थाई हैं। 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बना इंटिग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, प्रयागराज की पौराणिकता के, आधुनिकता से संगम का प्रतीक है। यह समार्ट प्रयागराज का एक अहम सेंटर है। सड़क, बिजली से लेकर तमाम सुविधाएं इसी सेंटर से संचालित होंगी। सरकार का प्रयास है कि तप से तकनीकि तक, उसके हर पहलू का अनुभव दुनिया कर सके। अध्यात्म, आस्था, आधुनिकता की त्रिवेणी कितनी बेजोड़ हो सकती है, इसका अनुभव लेकर लोग यहां से जाएं।'  

जनसभा में पीएम मोदी ने कहा, 'यहां बना सेल्फी पॉइंट आकर्षण का केंद्र है। मैंने विशेष अतिथियों के साथ दिव्य कुंभ और भव्य कुंभ पर भी फोटो खिंचवाई है। अर्धकुंभ और सेल्फी का संगम तब तक अधूरा रहेगा जब तक त्रिवेणी भव्य न हो। त्रिवेणी की शक्ति का मूल स्रोत है मां गंगा। इसकी अविरलता के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। 1700 करोड़ रुपये की लागत से बने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शहर के करीब 1 दर्जन गंदे नालों को सीधे गंगा में बहने से रोका जा सकेगा। नमामि गंगे परियोजना में करीब डेढ़ सौ घाटों का सौंदर्यीकरण भी किया जाना है।'