दुनिया के अर्थशास्त्रियों के लिए नोटबंदी केस स्टडी: पीएम मोदी

नई दिल्ली (8 फरवरी): नोटबंदी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि यह दुनिया का  सबसे बड़ा और व्यापक फैसला था। इसलिए दुनिया के अर्थशास्त्रियों पास इसका लेखा-जोखा करने के लिए कोई मापदंड नहीं है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी को दुनिया का सबसे बड़ा और व्यापक फैसला बताया और इसकी खूबियां गिनाईं। उन्होंने कहा, 'दुनिया में कहीं इतना बड़ा और इतना व्यापक निर्णय नहीं हुआ। इसलिए दुनिया के अर्थशास्त्रियों पास इसका लेखा-जोखा करने के लिए कोई मापदंड नहीं है। यह दुनिया के अर्थशास्त्रियों और यूनिवर्सिटीज के लिए केस स्टडी बन सकता है।' 

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की वजह से जाली नोटों पर लगाम लगने का दावा करते हुए कहा कि 8 नवंबर को इस फैसले के बाद नकली नोट खुद ही खत्म हो गए। बैंकों में जाली नोट पहुंचने के संबंध में पूछे जा रहे सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, 'जिस समय नोटबंदी की घोषणा हुई थी, जाली नोट तो उसी समय खत्म हो गए। इसके बाद भी यदि किसी के पास आंकड़ा है तो पता नहीं कैसे है। जाली नोट के कारोबारी को पड़ोसी देश में आत्महत्या करनी पड़ी यह टीवी पर देखा गया। 700 से अधिक माओवादियों ने सरेंडर किया।' जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के पास मिले 2000 रुपये के नए नोट के संबंध में उन्होंने कहा कि उन्होंने बैंक को लूटा था।

नोटबंदी का फैसला पहले नहीं लिए जाने को लेकर मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसके लिए वांगचू कमिटी का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने नोटबंदी को चुनाव में नुकसान के डर से नकार दिया था।