पीएम मोदी बर्थडे: सेलेब्स ने शेयर किए किस्से, अनिल बोले- धीरूभाई ने मोदी के लिए कहा था- लंबी रेस के घोड़े हैं

नई दिल्ली(17 सितंबर): पीएम नरेंद्र मोदी के 66वें जन्मदिन पर शनिवार को अमिताभ बच्चन, अनिल अंबानी, लता मंगेशकर, आमिर खान, टाटा ग्रुप के चेयरमैन साइरस मिस्त्री और आनंद महिंद्रा समेत कई हस्तियों ने उन्हें नरेंद्र मोदी ऐप पर बधाई दी।

- अनिल अंबानी ने भी मोदी को बधाई दी है। उन्होंने बताया, "पापा (धीरूभाई अंबानी) ने कहा था कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। एक दिन पीएम बनेंगे।" 

- अमिताभ ने कहा, "2009 में उनसे पहली बार फिल्म 'पा' का टैक्स माफ करवाने के सिलसिले में गुजरात में उनके घर पर मिला था।"

- "एक साधारण से घर में उनका कमरा भी साधारण था। वे मुझे थिएटर भी ले गए और हमने साथ में फिल्म देखी। गुजरात में टूरिज्म को लेकर हमारी थोड़ी बात हुई। इसके बाद मैं मुंबई वापस आ गया।"

- "एक हफ्ते बाद मुंबई में मेरे घर गुजरात टूरिज्म के ऑफिशियल्स बात करने आए। कुछ दिनों में ही उन्होंने काम शुरू करने की बात कही। ये मेरे लिए चौंकाने वाला मामला था। तब से लेकर आज तक मैं गुजरात का ब्रांड एम्बेसडर हूं।"

- अमिताभ ने बताया, "मैंने मोदी से रिक्वेस्ट की थी कि काम के दौरान कोई भी नेता मुझसे न मिले। जैसे ही मैं गुजरात आया, पहला कॉल उनकी तरफ से ही आया। उन्होंने कहा कि यहां बहुत गर्मी है। बीच-बीच थोड़ा आराम कीजिए और खूब पानी पीते रहिए।"

क्या बोले अनिल अंबानी?

- "1990 के दशक में मैं पहली बार मोदी से मिला। तब मेरे पिता धीरूभाई अंबानी ने उन्हें घर पर खाने के लिए बुलाया था।"

- "बातचीत के बाद पापा ने कहा- लंबी रेस ने घोड़ो छे, लीडर छे, पीएम बनसे (ये लंबी रेस का घोड़ा है, सही मायने में लीडर है, ये प्रधानमंत्री बनेगा)।"

- "पापा ने उनकी आंखों में सपने देख लिए थे। वो वैसे ही थे जैसे अर्जुन को अपना उद्देश्य और विजन पता था।"  

क्या बोलीं लता मंगेशकर?

- "आपका बहुत विरोध हुआ, लेकिन आप सत्य की राह पर चलते रहे।"

- "पूरी दुनिया इस समय हिंसा की चपेट में है। लेकिन मेरा यकीन है कि आपकी नीतियां उन पर जीत हासिल कर लेंगी।"

आमिर खान ने ये कहा? - "हमेशा आपकी हेल्थ को लेकर दुआ करता हूं। हमेशा आपको खुशियां मिलें।" - "पहले के सालों की तुलना में ये साल आपके लिए यादगार साबित हो।"

क्या बोले साइरस मिस्त्री?

- "2012 में टाटा ग्रुप की जिम्मेदारी संभालने के बाद रतन टाटा के साथ मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद मुझे लीडरशिप का एक नया पाठ सीखने को मिला।"