पीएम मोदी ने गुजरात की सीएम आनंदीबेन को 'छवि सुधारने' की दी नसीहत : रिपोर्ट

नई दिल्ली (3 फरवरी) :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल को 'अपनी छवि सुधारने' के लिए कहा है। प्रधानमंत्री ने ये नसीहत ऐसी ख़बरें आने के बाद दी है कि मुख्यमंत्री की संतान- बेटी अनारा और बेटे श्वेतांक समानांतर सत्ता केंद्र बन चुके हैं और 'शासन में दखल और निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित' कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को इस 'धारणा' को दूर कर 'अपनी छवि को बेहतर' बनाने के लिए कहा है। 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री के इस कदम से ऐसी अटकलों को हवा मिली है जो आनंदी बेन के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने पर सवाल उठा रही हैं।   

रिपोर्ट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के करीबी एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि 'जिस तरह धारणा बनती जा रही है और फैल रही है, ये बड़ी फ़िक्र की बात है। प्रधानमंत्री और अन्य ने मुख्यमंत्री को छवि बदल कर सुधार लाने का संदेश दिया है।'

सूत्र ने कहा कि ना सिर्फ गुजरात बल्कि दिल्ली में भी मुख्यमंत्री की संतान का शासन की प्रक्रिया में हिस्सा लेना चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्र ने साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया कि 'यह धारणा पार्टी और विपक्ष, दोनों में ही मुख्यमंत्री के विरोधियों ने बनाई है।' सूत्र ने ये भी कहा कि अनार और श्वेतांक में से कोई भी सरकार के काम में दखल नहीं देता।

बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 25 जनवरी को मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से उनके दिल्ली दौरे के दौरान बात की थी। उसी दिन अमित शाह को बीजेपी का दोबारा अध्यक्ष चुना गया था।

कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं और नौकरशाहों ने आनंदी बेन सरकार की तुलना केशुभाई पटेल के कार्यकाल से करनी शुरू कर दी है। उस वक्त केशुभाई पटेल के परिवार के सदस्यों पर शासन में दखल देने और भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे।