पुजारी ने पेश की मिसाल- दलित को कंधे पर उठाकर ले गए मंदिर

                                                                प्रतिकात्मक तस्वीर

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 15 जून ): एक जमाने में जो ब्राह्मण समाज कभी दलितों और छोटी जाती के लोगों को मंदिर में घुसने से रोक्कते थे वही लोग इस वर्ग के लोगों को अपने कंधो पर उठाकर मंदिर में प्रवेश करवा रहे हैं। हैदराबाद के चिल्कुर बालाजी मंदिर के बाद ताज़ा मामला आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के एक प्राचीन मंदिर का है जहाँ इसी तरह से एक रस्म निभाकर सामाजिक समानता का उदाहरण पेश किया गया। 

प्राचीन मंदिर के पुजारी ने एक शख्स को अपने कन्धों पर बैठाकर कही जयघोषों और मंत्रोचारण के साथ उसे मंदिर में प्रवेश कराया। शायद आप यह सुनकर और भी चौंक जायेंगे की यह शख्स कोई और नहीं बल्कि दलित समुदाय का शख्स है।

आपको बता दें कि सामाजिक समानता की बात को बताने के लिए मंदिर के पुजारी ने ऐसा काम किया और लोगों के सामने एक मिसाल पेश की।