केंद्र सरकार के इस कदम से UP-पंजाब सरकारों पर पड़ने लगा दबाव...

विशाल एंग्रीश, अशोक के. तिवारी, नई दिल्ली (29 जून): केंद्र सरकार ने अपने एक करोड़ कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का तोहफा दे दिया है। लेकिन, इस वक्त एक बड़ी ख़बर आ रही है। अब यूपी और पंजाब के कर्मचारी भी सूबे में जल्द से जल्द सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग कर रहे हैं। यूपी के कर्मचारी संघ का कहना है कि अगर अखिलेश सरकार ने जल्द उनकी मांगे नहीं मानी तो वो दूसरा रास्ता अपना सकते हैं। 

दिल्ली में जैसे ही वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें मानने का ऐलान किया। सिर्फ केंद्र कर्मचारियों की ही बांछें नहीं खिलीं। यूपी के 18 लाख और पंजाब से 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के चेहरे भी खिल गए। पहले आपको बताते हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों की तनख्वाह कितनी बढ़ी है। 

सातवें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की 23.6 फीसदी तक तनख्वाह बढ़ेगी। कैबिनेट ने बेसिक सैलरी में 14.27 प्रतिशत और दूसरे भत्तों को मिलाकर 23.6 प्रतिशत के इजाफे को मंजूरी दी है। अब यूपी के सरकारी कर्मचारी भी सूबे में जल्द से जल्द सातवें वेतन आयोग जैसी तनख्वाह की मांग करने लगे हैं। यूपी सरकार में करीब 18 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। सरकारी कर्मचारियों को भरोसा है कि चुनावी मौसम में अखिलेश सरकार तुरंत उनकी झोली भरने का ऐलान कर देगी। 

वहीं, अखिलेश सरकार में नए-नए मंत्री बने नारद राय इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से साफ-साफ बचते दिखे। पंजाब में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब के तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने अभी से केंद्रीय कर्मचारियों जैसी सुविधाएं लेने का मन बना दिया है। वहीं, पंजाब सरकार का कहना है कि कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए पहले ही आयोग बना दिया गया है। रिपोर्ट आते ही सरकार एक्शन लेगी। 

पंजाब में फरवरी-मार्च में ही विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में काफी हद तक चांस है कि पंजाब सरकार विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले ही अपने कर्मचारियों की झोली भरने का ऐलान कर दे। यूपी और पंजाब की राह पर जल्द ही दूसरे राज्यों के कर्मचारी भी केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन और भत्तों की मांग में सड़कों पर दिखाई दे सकते हैं।