राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर बोले पीएम मोदी, आपातकाल में मीडिया की आवाज दबाई गई

नई दिल्ली(16 नवंबर): राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर प्रेस काउंसिल के कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने मीडिया के काम में दखलंदाजी नहीं होने देने की कहते हुए अभिव्यक्ति की आजादी पर जोर दिया है। पीएम ने कहा कि आपातकाल में मीडिया की आवाज दबाई गई। पीएम ने पत्रकारों की सुरक्षा के सवाल पर चिंता जताते हुए कहा कि यह मुद्दा सरकारों की प्राथमिकता में होना चाहिए। पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की आजादी की बहस को आगे बढ़ाते हुए कहा कि मीडिया की गलतियों से उसका आकलन नहीं किया जाना चाहिए।

'मीडिया के काम में न हो हस्तक्षेप'

प्रेस परिषद के कार्यक्रम में मोदी ने कहा, 'पत्रकारिता का एक अनिवार्य हिस्सा यह भी है कि जो दिखता है, सुनाई देता है उसके सिवाय भी कुछ खोजना।' पीएम ने कहा कि अक्सर पत्रकार मित्रों की शिकायत होती है कि सूचनाएं मिल ही नहीं पाती हैं। मोदी ने इस समस्या को सरकारों के भीतर पसंदीदा पत्रकारों के लिए सिलेक्टिव लीकेज (खबर देने) जैसी बुराई का नाम दिया। पीएम ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। पीएम ने मीडिया के काम में बाहरी हस्तक्षेप की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि मीडिया में आत्मनियंत्रण की व्यवस्था ही ज्यादा सही है। बता दें कि एक न्यूज चैनल पर एक दिन के प्रसारण पर लगी रोक के बाद अभिव्यक्ति की आजादी का मसला जोर-शोर से उठाया गया था। हालांकि केंद्र सरकार ने बाद में इस फैसले पर खुद ही रोक लगा दी थी।

इमर्जेंसी की दिलाई याद 

पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की आजादी के संदर्भ में ही बोलते हुए आपातकाल के दौर की भी याद दिलाई। मोदी ने कहा कि हम सभी को याद है कि कैसे आपातकाल के दौर में प्रेस परिषद को बंद कर दिया गया था। उन्होंने इमर्जेंसी में मीडिया की आवाज दबाने का जिक्र करते हुए कहा कि हालात तब सुधरे जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। पीएम ने मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि मीडिया ने राज्यवार विकास की रिपोर्ट प्रकाशित कर राज्यों के बीच सकारात्मक कॉम्पिटिशन का भाव विकसित किया है।

पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया  पीएम ने स्वच्छता अभियान जैसे मसलों पर भी मीडिया की बढ़चढ़कर भागीदारी की तारीफ की। पीएम ने प्रेस दिवस के अवसर पर पत्रकारों की सुरक्षा का मसला भी उठाया। पीएम ने कहा कि किसी पत्रकार की हत्या या उसपर हमला ज्यादा गंभीर मसला है। बताते चलें कि हाल ही में एक बार फिर बिहार में एक पत्रकार की हत्या हुई है। पीएम ने कहा कि मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने इस समस्या पर चिंता जाहिर की थी। पीएम मोदी ने कहा, 'हम अपने सिद्धांतों में अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते रहते हैं। जब तक इसे व्यवहारिक तौर पर लागू नहीं किया जाएगा, सिद्धांतों से उद्देश्य पूरा नहीं होगा।' पीएम ने इस अवसर पर पड़ोसी देशों से आए मीडिया दिग्गजों का भी स्वागत किया।