INSIDE STORY: #Kashmir हिंसा को लेकर #Hurriyat पर क्यों भड़के गृहमंत्री, जानिए- पिछले दो महीने से क्यों सुलग रही है घाटी...

डॉ. संदीप कोहली, 

नई दिल्ली (5 सितंबर): गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में 20 दलों के 30 नेताओं का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिन के दौरे पर हैं। कश्मीर में मची हिंसा को शांत करने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल घाटी के अलग-अलग लोगों से मुलाकात कर रहा है। दौरे के आखरी दिन आज केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधि‍त किया। इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा, जानिए बयान के मुख्य अंश...

- गृह मंत्री ने कहा 30 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडल से बातचीत हुई। - प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू कश्मीर के गवर्नर से भी बात की। - शांति के लिए लोगों से बात हई, हालात में सुधार का भरोसा। - जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, इसे लेकर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। - महज दो महीने के अंदर पेलेट गन पर बनी समिति ने पावा सेल्स का विकल्प सुझाया है। - उम्मीद है कि अब पावा सेल्स से किसी को नुकसान नहीं होगा। - हुर्रियत के नेताओं ने बात नहीं की, कुछ लोग मिलने गए थे उनसे। - डेलीगेशन के कुछ लोग हुर्रियत नेताओं से मिले गए थे। - लेकिन हुर्रियत के नेताओं ने बात नहीं की। - हुर्रियत को लोकतंत्र में विश्वास नहीं, हुर्रियत में ना कश्मीरियत ना जम्हूरियत। - इसमें कोई दो राय नहीं है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। - सबकी इच्छा है कि कश्मीर में शांति बहाल हो। - कश्मीर के हालात सुधारने के लिए सबका सहयोग और समर्थन लेंगे। - बातचीत के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं, रोशनदान भी खुले हुए हैं।

रविवार का पूरा घटनाक्रम...

- सीएम महबूबा मुफ्ती और अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत हुई। - महबूबा ने हुर्रियत और अलगाववादियों को बातचीत में शामिल होने का न्योता दिया।  - लेकिन हुर्रियत ने कहा कि 2010 में भी ऐसी ही मीटिंग हुई थी।  - कई वादे किए गए थे लेकिन आखिरकार उसका कोई नतीजा नहीं निकला।  - हुर्रियत ने साफ किया कि इस बातचीत का कोई मतलब नहीं है। - रविवार को प्रदर्शनकारियों ने शोपियां में मिनी सचिवालय में आग लगा दी।  - सुरक्षा बलों को कार्रवाई में 100 लोग घायल हो गए। - डेलिगेशन में शामिल छह सांसद हुर्रियत नेताओं से मिलने पहुंचे थे। - सीताराम येचुरी, डी. राजा, शरद यादव, असदुद्दीन ओवैसी, जयप्रकाश नारायण और फैयाज अहमद मीर।  - सैयद अली शाह गिलानी घर में नजरबंद हैं।  - मीरवाइज उमर फारुख चश्मेशाही जेल में हैं।  - यासीन मलिक और शब्बीर अहमद शाह भी हिरासत में हैं। - सिर्फ शरद यादव की यासीन मलिक से मुलाकात हुई लेकिन यासीन ने सिर्फ दुआ-सलाम किया। - बाकी अलगाववादी सांसदों से बातचीत को तैयार ही नहीं हुए।

जानिए क्यों बिगड़े कश्मीर में हालात...

- 8 जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया था।  - बुरहान को अलगाववादियों ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए घाटी के पोस्टर ब्वॉय के रुप में पेश किया।  - अलगाववादियों ने कश्मीरी युवाओं को भड़काया उसे हिंसा के लिए उतारू किया, पत्थर फिंकवाए। - इसके बाद घाटी में प्रदर्शन ने उग्र रुप ले लिया, कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया था।  - पुलिस-फोर्सेस को हालात को काबू में करने के लिए पैलेट गन चलानी पड़ी, इसमें सैकड़ों लोग घायल हुए। - घाटी में पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर काफी विरोध भी हुआ।  - 5800 घायलों में से 51 फीसदी पैलट गन से घायल हुए। - दक्षिण कश्मीर के 4 जिलों- पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में पूरी तरह अराजकता है। - घाटी के 36 में से 33 थाने फिलहाल बंद हैं, पुलिसकर्मी सेना के बैरकों में शरण लिए हुए हैं।  - हालात देखते हुए केंद्र सरकार को BSF की 26 कंपनियों की तैनाती का आदेश देना पड़ा। - 2005 के बाद यह पहला मौका है जब बीएसएफ ने BSF पर मार्च किया।  - BSF के अलावा हालात काबू करने के लिए CRPF की 77 कंपनियों को घाटी में तैनात किया जा रहा है। - प्रदर्शनों के चलते 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है 5800 घायल हैं, इनमें सैकड़ों जवान भी हैं। - CRPF के स्पेशल डीजी ने बताया कि अभी तक हमारे दो हजार जवान घायल हो चुके हैं। - इस समय राज्य में सभी तरह के करीब पचास हजार जवान हैं।  - अब 77 कंपनियां भेजी जा रही हैं। एक कंपनी में 100 जवान होते हैं। - इनमें शामिल जवानों को हालात से निपटने की स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है।  - इस बीच, राजनाथ सिंह एक महीने में दो बार कश्मीर दौरे पर जा चुके हैं।

कश्मीर की अर्थव्यवस्था को पहुंचा है भारी नुकसान...

50 दिन में 6500 करोड़ का नुकसान- कश्मीर ट्रेडर एंड मैन्यूफैक्चरर फेडरेशन (केटीएमएफ) ने अध्यक्ष यासिन खान ने किया है यह खुलासा। यासिन खान के मुताबिक कश्मीर को अबतक 6500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। यह अनुमान पिछले छह महीने के आंकड़ों के आधार पर है। कश्मीर में पर्यटन और अन्य कारोबारी गतिविधियों से रोजाना 135 करोड़ की कमाई हो रही थी, जो पिछले 50 दिनों से ठप पड़ी है।

राज्य सरकार को 300 करोड़ का घाटा- राज्य सरकार को सेल टैक्स के जरिए जो रेवेन्यू मिलता था, वो तकरीबन बंद है। पिछले 49 दिनों में सरकार 300 करोड़ गंवा चुकी है। कश्मीर की खूबसूरती डल झील में अब शिकारे ना के बराबर दिख रहे हैं। हिंसा के वजह से पर्यटक कश्मीर आने से बच रहे हैं। पर्यटन से जो लोग रोजी-रोटी कमाते थे, आज भूखमरी के कगार पर हैं। होटलों और हाउसबोटों का भी यही हाल है।

पाकिस्तान की मदद से अलगाववादी बढ़ा रहे हैं परेशानी... - 8 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान के मारे के बाद अलगाववादियों ने युवाओं को भड़काया।  - पाकिस्तान परस्त अलगाववादी जो आए दिन घाटी में पत्थरबाजी और हड़ताल करवाते हैं। - कश्मीर के गरीब और युवा बेरोरगारों को यही अलगाववादी भड़काते हैं।  - खुफिया एजेंसियों ने पता लगाता कि पाकिस्तान ने इन्हे फंडिंग की जा रही है। - एनआईए ने 17 बैंक खातों का पता लगाया जिसमें पाक से 38 करोड़ रुपए की फंडिंग हुई। - अलगाववादियों की साजिश घाटी को 90 के दशक जैसा बनाने की है। - 90 के दशक के बाद घाटी में पहली बार आतंकी सरेआम कर रहे हैं रैलियां। - साउथ कश्मीर में आतंकी रैलियां कर लोगों को साथ आने के लिए धमका रहे हैं। - 1 अगस्त को लश्कर कमांडर अबू दुजाना नकाब पहनकर पुलवामा की रैली में पहुंचा। - 2 अगस्त को कुलगाम में दो आतंकियों ने और 3 अगस्त को अनंतनाग में 3 आतंकियों ने रैली की।  - 19 अगस्त को साउथ कश्मीर के कुलगाम इलाके में चार आतंकियों ने रैली की। - अलगाववादियों के डर की वजह से दो पुलिसकर्मियों ने इस्तीफा दे दिया। - घाटी के 36 में से 33 थाने फिलहाल बंद हैं, पुलिसकर्मियों ने सेना के बैरकों में शरण ले रखी है।