अरुणाचल प्रदेश में लगा राष्ट्रपति शासन

नई दिल्‍ली (26 जनवरी): कैबिनेट के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। मंगलवार शाम को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसकी मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने रविवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की थी, जिसके बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। खबर सामने आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नाबाम तुकी ने केंद्र सरकार के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है।

इससे पहले दिसंबर में गहराए सियासी संकट पर मुख्यमंत्री तुकी ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा बीजेपी एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने ही सरकार गिराने के लिए कांग्रेस के विधायकों से बगावत कराई है। राष्ट्रपति शासन लगाए जाने से नाराज मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि वे ऐसा करेंगे क्योंकि उनकी धारणा ही ऐसी है। हम डरेंगे नहीं, कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, हमारे साथ 31 विधायक हैं.'

क्या है अरुणाचल का सियासी संकट दरअसल, अरुणाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार से उसके अपने कुछ विधायक बागी हो गए हैं। बीते 16-17 दिसंबर को ही उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें सरकार हार गई थी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि फिलहाल राज्य सरकार विधानसभा भंग करने के मूड में नहीं है। जोड़-तोड़ की तमाम कोशिशें जारी हैं।