भारत में ऐसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव, ये लोग करते हैं वोटिंग


नई दिल्ली (17 जुलाई): 17 जुलाई यानी कल देश का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है। इस दिन देश के सर्वोच्च पद के लिए वोट डाले जाएंगे और 20 जुलाई को ये साफ हो जाएगा कि रामनाथ गोविंद और मीरा कुमार दोनों में किसके सिर राष्ट्रपति का ताज सजेगा। क्योंकि इसी दिन राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। 25 जुलाई को देश के 14वें राष्ट्रपति शपथ लेंगे।

लेकिन इससे पहले हम आपको एक रिर्पोट के जरिए समझाते हैं कि आखिर कैसे राष्ट्रपति का चुनाव होता है और कौन-कौन वोटिंग में हिस्सा ले सकता है।

ऐसे होता है राष्ट्रपति का चुनाव...

देश के 14वें राष्ट्रपति के लिए लड़ाई मुख्यत: दो लोगों के बीच है, जिसमें पहले हैं NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद और दूसरी हैं UPA उम्मीदवार मीरा कुमार।

- राष्ट्रपति को इलेक्टोरल कॉलेज चुनता है
- इलेक्टोरल कॉलेज में लोकसभा, राज्यसभा के सांसद शामिल होते हैं
- अलग-अलग राज्यों के विधायक इलेक्टोरल कॉलेज के अंदर आते हैं
- केंद्र शासित प्रदेशों के सभी विधायकों को भी मतदान करने का अधिकार है
- राष्ट्रपति की ओर से संसद में नामांकित सदस्य वोट नहीं डाल सकते
- लोकसभा में 2 और राज्यसभा में 12 नामांकित सदस्य होते हैं
- विधान परिषदों के सदस्यों को भी वोटिंग का अधिकार नहीं है
- क्योंकि वो जनता की तरफ से चुने गए सदस्य नहीं होते

अब समझें राष्ट्रपति चुनाव का पूरा गणित...

- लोकसभा सांसद के 543 वोट हैं और राज्यसभा सांसद 233 वोट हैं

- लोकसभा 543 और राज्यसभा 233 सांसदों को मिला दिया जाए तो आंकड़ा 776 का हो जाएगा

- हर सासंद की वोट वैल्यू 708 होती है
- 776 सांसदों के 708 वोट वैल्यू हिसाब से गुना किया जाए तो आंकड़ा 5 लाख 49 हजार 408 का होगा
- पूरे देश के कुल विधायक 4,120 हैं   
- 4,120 विधायकों की वोट वैल्यू 5,49,474 है
- सांसदों के 5,49,408 और विधायक 5,49, 474 वोट वैल्यू को मिला दिया जाए तो कुल जोड़ 10 लाख 98 हजार 882 का आएगा
- जीत के लिए आधे से एक ज्यादा यानी 5 लाख 49 हजार 442 वोट चाहिए

किसी राज्य के एक विधायक की वोट कीमत राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होती है। एक विधायक के वोट की कीमत 1971 की जनगणना और राज्यों में विधायकों की संख्या के आधार पर तय की जाती है।

राज्य में किस पार्टी के पास कितना वोट और उसका वोट वैल्यू...

पार्टी

कुल सीट वोटों की वैल्यू

वैल्यू (%)

बीजेपी 

1728 4,33,536

  39.5%

कांग्रेस 

  902     1,62,829

14.8%

टीएमसी  

258 64,447

5.9%

AIADMK  

189 59,224

5.4%

बीजेडी  

 145  37,290

3.4%

समाजवादी पार्टी

72 26,366

2.4%

शिवसेना 

 84  25,893

2.4%

जेडीयू

96 20,736

1.9%

टीआरएस  

85 20,935

1.9%

एनसीपी 

60 15,624

1.4%

आरजेडी 

87  18796

1.7%

वाईएसआर कांग्रेस

76 17, 574

1.6%

शिरोमणि अकाली दल  

23  6,808

0.6%

बीएसपी   

34  9,399

0.9%

आप   

 89 8,922

0.8%

 

राष्ट्रपति चुनाव में अगर NDA के आंकड़े को देखे तो उनके उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का जीतना लगभग तय माना जा रहा है।

क्या कहता है वोटों का गणित ?

- NDA के पास अभी 410 सांसद और 1691 विधायक हैं

- इनका वोट मूल्य 5 लाख 32 हजार है

- राष्ट्रपति बनाने के लिए 17 हजार 422 वोट और चाहिए

बीजेपी को दक्षिण भारत की दो प्रमुख पार्टियां वाईएसआर कांग्रेस, टीआरएस और AIADMK के साथ ओडिशा की सत्ताधारी बीजेडी का समर्थन हासिल हो चुका है। JDU का वोट भी NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खाते में आ चुके हैं।

- AIADMK के पास 59224 हजार वोट हैं

- बीजेडी के पास 37 हजार 257 वोट हैं

- टीआरएस के पास 20 हजार 935 वोट हैं

- जेडीयू के पास 20 हजार 736 वोट हैं

- वाईएसआर कांग्रेस के पास 17 हजार 574 वोट हैं

अब कोविंद के समर्थन में कुल NDA 5,32000, AIADMK 59,224, BJD 37,257, TRS 20,935, JDU 20,736 और YSR 17,574 है। जिनके बाद एनडीए के वोटों की संख्या 6 लाख 87 हजार 726 हो जाती है, जो जीत के लिए जरूरी 5 लाख 49 हजार 422 वोटों से कहीं ज्यादा हैं।

यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार के वोट...

- मीरा कुमार को कांग्रेस, आरजेडी, एसपी, बीएसपी, आप का समर्थन

- डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, आरएलडी, जेडीएस, जेएमएम का भी साथ

- टीएमसी, सीपीएम, सीपीआई, आरएसपी, एनसीपी मीरा के साथ

- मीरा कुमार के समर्थन में 3 लाख 86 हजार 578 वोट हैं

- इन वोटों में AAP के 85 विधायकों के 9000 वोट वैल्यू भी शामिल हैं

 मीरा कुमार के समर्थन में अभी करीब 35 फीसदी वोट हैं

अगर इन आंकड़ों को पक्का मान लिया जाए तो यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार का हारना तकरीबन तय है और एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत मुकम्मल मानी जा रही है, लेकिन सही नतीजों के लिए फिलहाल 20 जुलाई तक का इंतजार करना होगा।