राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी नेताओं की बैठक, फिलहाल‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति

नई दिल्ली (26 मई): जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आज कांग्रेस की अगुआई में विपक्षी दलों ने अपनी एकजुटता दिखाने की कोशिश। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुआई में दिल्ली में हुई इस बैठक में 17 गैर-बीजेपी पार्टियों ने हिस्सा लिया।

इस बैठक में एक दूसरे की धुर विरोधी माने जाने वाली कई क्षेत्रीय पार्टियों ने एक साथ हिस्सा लिया। इस बैठक में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने एक साथ हिस्सा लिया तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वाम दलों के बड़े नेताओं ने भी मौजूद रहे। हालांकि इस बैठक में से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नदारद रहे। जेडीयू की तरफ से शरद यादव शामिल हुए।

अध्यक्ष सोनिया गांधी की बैठक में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला, सीपीआई से सीताराम येचुरी, एनसीपी से शरद पवार जैसे बड़े नेताओं ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। वहीं कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अहमद पटेल, गुलाम नबीं आजाद शामिल हुए।

बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि अगर राष्ट्रपति पद के लिए केंद्र सरकार द्वारा नामित उम्मीदवार विपक्ष को मंजूर नहीं हुआ, तो विपक्षी पार्टियां अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को अपना उम्मीदवार खड़ा करने की नौबत आई, तो विपक्षी नेताओं द्वारा एक छोटी समिति का गठन किया जाएगा। ममता ने कहा कि विपक्ष केंद्र सरकार के उम्मीदवार पर तभी सहमति जताएगी, जब वह धर्मनिरपेक्ष तथा संविधान की मर्यादा बरकरार रखने वाला होगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमारे साथ मिलकर उम्मीदवार के बारे में चर्चा करती है, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने साल 2002 में हुए राष्ट्रपति चुनाव का संदर्भ दिया, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ए.पी.जे.अब्दुल कलाम का नाम सामने रखा और उसपर सर्वसम्मति बन गई थी। मौजूदा राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दूसरे कार्यकाल के बारे में पूछे जाने पर ममता ने कहा कि बैठक में किसी के नाम की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कश्मीर, सहारनपुर में हिंसा तथा नोटबंदी पर सरकार की आलोचना को लेकर सभी पार्टियां एकजुट हैं।