राष्ट्रपति चुनाव: नीतीश और लालू की राह हुई जुदा!, जेडीयू ने किया कोविंद का समर्थन

नई दिल्ली (21 जून): राष्ट्रपति चुनाव को लेकर रणनीति बनाने के लिए गुरुवार को होने वाली विपक्ष की बैठक से एक दिन पहले ही नीतीश कुमार ने एनडीए उम्मीदवार कोविंद को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। नीतीश के इस फैसले विपक्षी एकता को बड़ा झटका लगा है। तो वहीं दूसरी तरफ बिहार में महागठबंधन के सबसे बड़े पार्टनर आरजेडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया है कि वह वही करेंगे जो गुरुवार को विपक्ष की बैठक में तय होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश ने अपने विधायकों से क्या कहा है यह उन्हें नहीं पता। इस तरह राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार में महागठबंधन के दो अहम किरदार नीतीश और लालू दो अलग-अलग छोर पर दिख रहे हैं।

बीजेपी ने जिस दिन एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के नाम का ऐलान किया, उसी दिन बिहार के सीएम और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने यह संकेत दे दिया था कि वह कोविंद के साथ जा सकते हैं। उन्होंने कोविंद की उम्मीदवारी के ऐलान पर खुशी जताते हुए कहा था कि बिहार का गवर्नर अगर राष्ट्रपति बने तो यह गर्व की बात है। बाद में उन्होंने अपने रुख से कांग्रेस को भी अवगत कराया था।

बुधवार को नीतीश ने पटना में जेडीयू विधायकों की बैठक बुलाई थी और उसमें कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया। बाद में जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कोविंद को समर्थन का औपचारिक ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को होने वाली विपक्ष की बैठक में जेडीयू शामिल नहीं होगी। जेडीयू का एनडीए उम्मीदवार को समर्थन विपक्ष की एकता के लिए बहुत बड़ा झटका है। नीतीश के इस कदम से बिहार में महागठबंधन के भविष्य को लेकर भी कयासों के नए दौर की शुरुआत हो सकती है।