सीमा पर तनाव के बीच मिले मोदी-जिनपिंग, दोनों ने की एक दूसरे की तारीफ

नई दिल्ली (7 जुलाई):  सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने शुक्रवार को जर्मनी में जी-20 सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। कार्यक्रम से इतर हुई यह मुलाकात काफी गर्मजोशी भरी रही। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे की 'तारीफ' भी की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक मोदी और शी की संक्षिप्त अनौपचारिक मुलाकात में कई मुद्दों पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने अपने-अपने संबोधन में एक दूसरे को लेकर सकरात्मक बातें कहीं।


प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की चेयरमैनशिप में ब्रिक्स के काम करने की गति की तारीफ की और सहयोग का वादा किया। मोदी की टिप्पणी के तुरंत बाद चीन के राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के मजबूत संकल्प की तारीफ की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की चेयरमैनशिप में 2016 में हुए गोवा सम्मेलन के बाद ब्रिक्स ने अच्छी गति पकड़ी। उन्होंने भारत के सामाजिक विकास और आर्थिक तरक्की की तारीफ की और कहा कि भारत को इससे भी ज्यादा सफलता मिले।


ब्रिक्स देशों के नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संकल्प और ब्रिक्स में तेजी लाने के लिए भारत की तारीफ की, तो वहीं मोदी ने कहा कि चिनफिंग के नेतृत्व में ब्रिक्स में सकरात्मक तेजी आई है। उन्होंने आगामी ब्रिक्स समिट के लिए चिनफिंग को शुभकामनाएं दीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बाद में दोनों नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और हल्की-फुल्की बातें कीं। बता दें कि अगला ब्रिक्स सम्मेलन चीन में होना है।


इसके अलावा मोदी ने अपने संबोधन में जीएसटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'पिछले सप्ताह भारत में पिछले 70 सालों का सबसे बड़ा टैक्स सुधार लागू किया गया है। इससे व्यापार को मदद मिलेगी। साथ ही मोदी ने ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाने पर भी जोर दिया।


इसके पहले चीन ने गुरुवार को कहा था कि हैम्बर्ग में मोदी-चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत के लिए 'माहौल सही नहीं है।'


गौरतलब है कि सिक्किम में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच तनातनी के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में तल्खी आ गई है। चीन के कुछ विशेषज्ञ तो अप्रत्यक्ष तौर पर युद्ध की धमकी तक दे चुके हैं। भारत में चीन के राजदूत ने भी कहा था कि दोनों देशों के बीच माहौल सही नहीं है। भारत शुरू से ही सिक्किम विवाद का निपटारा आपसी बातचीत से करने का हिमायत करता रहा है।