‘जहर से जहर को मारने’ में यकीन करते हैं राष्ट्रपति ट्रंप

लॉस एंजेलिस (26 जनवरी): अमेरिका के नए राष्ट्रपति ‘जहर से जहर को मारने’के सिद्धांत पर यकीन करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने संगीन और शातिर अपराधियों से सच को उगलवाने के लिए यातनाएं देने के तरीकों को भी सही ठहराया है।

आतंकी संगठन IS का नाम लेते हुए ट्रंप ने कहा, ‘वे हमारे लोगों और दूसरे लोगों के सिर काट रहे हैं। दूसरे धर्म का होने के कारण वे जान लेने के ऐसे हथकंडों को आजमा रहे है, जिनके बारे में मध्ययुगीन काल के बाद से किसी ने नहीं सुना है तो क्या हम मुंह और नाक में पानी डालकर दी जाने वाली यातना के बारे में भी नहीं सोच सकते। जहां तक मेरा मानना है , हमें जहर से जहर को मारना होगा।’

ट्रंप ने कहा कि वह आतंकियों-अपराधियों से पूछताछ के ऐसे ही अन्य तरीकों को बहाल करने पर विचार कर रहे हैं। सीआईए समेत सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को इसका अधिकार दिया जा सकता है। अमेरिकी सीनेट ने 2015 में इन तरीकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने गुआंतानामो बे का कैंप जारी रखने का भी संकेत दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि वह इस मुद्दे पर शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सलाह पर भरोसा करेंगे।