प्रेग्नेंट बहू को गोद में उठाकर ऐसे भागा ससुर लेकिन...

नई दिल्ली(9 सितंबर): उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में गर्भवती बहू को बचाने के लिए उसे गोद में उठाकर एक 70 साल का बूढ़ा ससुर करीब अस्‍पताल में 100 मीटर तक भागदौड़ करता रहा। इसके बावजूद इलाज नहीं मि‍ला और नवजात सहि‍त उसकी मौत हो गई। 

- उसका कहना है कि‍ अस्‍पताल के डॉक्‍टरों की लापरवाही के कारण उसके बहू की मौत हुई है। 

- मामला मि‍र्जापुर जि‍ले के लालगंज थाना इलाके का है।

- रवि‍वार को वहां रहने वाली प्रेग्‍नेंट अंशु पाण्डेय की तबि‍यत अचानक बि‍गड़ गई।

- वहां से उसे एंबुलेंस द्वारा मि‍र्जापुर के जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया। उसके साथ परि‍जन और ससुर गए।

- इमरजेंसी में पहुंचाने के 5 घंटे तक कोई डॉक्टर देखने नहीं आई। वहां मौजूद नर्स ने उसे ड्रिप लगा दिया।

- 3 बजे सुबह से 8 बजे तक इस इमरजेंसी वार्ड में उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया। वह दर्द से तड़प रही थी।

ससुर ले गए प्राइवेट डॉक्‍टर के पास

- अस्‍पताल की लापरवाही से बहू को तड़पता देख ससुर मजबूरी में उसे उठाकर प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने ले गए।

- वहां पेशेंट को क्रि‍टिकल कंडीशन में देखकर डॉ. ने वापस सरकारी अस्पताल भेज दिया।

- वापस जिला महिला अस्पताल आने पर उसे स्‍ट्रेचर नहीं मि‍ला।

- ससुर ने उसे अपनी गोद में उठाया और इमरजेंसी वार्ड की ओर दौड़ लगा दी।

- करीब 9 बजे वहां पहुंचने पर कि‍सी डॉक्‍टर से मुलाकात नहीं हुई।

- नर्स से कहने के बावजूद इलाज नहीं हुआ।

क्‍या कहते हैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी

- इस बारे में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी संजय पाण्डेय से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि डॉक्टरों की यहां 24 घंटे ड्यूटी है।

- अगर डॉक्‍टर नहीं होते हैं तो उन्‍हें बुलाया जाता है।